रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को राज्यसभा को सूचित किया कि नौ मार्च को पाकिस्तान के क्षेत्र में मिसाइल के ‘आकस्मिक’ फायरिंग की घटना की उच्च स्तरीय जांच का आदेश दिया गया है। सिंह ने कहा, रक्षा मंत्रालय ने इस मुद्दे को गंभीरता से लिया है और इसके पीछे के सही कारणों का पता तब चलेगा जब उच्च स्तरीय जांच दल अपनी रिपोर्ट सौंप देगा।

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घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि नियमित रखरखाव और निरीक्षण के दौरान शाम करीब सात बजे गलती से एक मिसाइल चल गई। बाद में पता चला कि मिसाइल पाकिस्तान के क्षेत्र में गिरी। सिंह ने आगे कहा, हमने इस घटना पर खेद व्यक्त किया गया है, हमें राहत है कि दुर्घटना में किसी को चोट नहीं आई है। रक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार ने इस मुद्दे को बहुत गंभीरता से लिया है और उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए जा चुके हैं।

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उन्होंने कहा, मैं यह भी कहना चाहता हूं कि इस घटना के बाद संचालन, निर्देश और रखरखाव के लिए मानक संचालन प्रक्रियाओं की भी समीक्षा की जाएगी। उन्होंने कहा, हम अपनी हथियार प्रणाली की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं और यदि इस संबंध में कोई त्रुटि पाई जाती है, तो उसे जल्दी से दूर किया जाएगा। मैं सदन को यह भी आश्वस्त करना चाहता हूं कि हमारी मिसाइल प्रणाली दुनिया के अलावा अत्यधिक सुरक्षित और विश्वसनीय है। उन्होंने कहा कि सशस्त्र बल अच्छी तरह से प्रशिक्षित और अनुशासित हैं और इन उन्नत हथियार प्रणालियों को संभालने में सक्षम हैं। इससे पहले, रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा था कि 9 मार्च, 2022 को नियमित रखरखाव के दौरान, एक तकनीकी खराबी के कारण मिसाइल भूलवश फायर हुई। भारत सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और एक उच्च स्तरीय जांच का आदेश दिया हैं।