भारत ने आज कहा कि यदि कोविशील्ड को मान्यता देने के मुद्दे पर ब्रिटेन एवं अन्य देशों द्वारा भेदभाव बरता जाएगा तो हम भी ‘जैसे को तैसा’ की तर्ज पर व्यवहार करेंगे और कोविशील्ड को मान्यता नहीं देने वाले देशों के वैक्सीन को भारत में मान्यता नहीं दी जाएगी। 

विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की कल से शुरू हो रही चार दिवसीय अमेरिका यात्रा की जानकारी देने के लिए आज यहां आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में एक सवाल के जवाब में ये कहा। उन्होंने कहा कि कोविशील्ड को मान्यता को लेकर ब्रिटेन से बात हो रही है। यह टीका ब्रिटिश कंपनी से लाइसेंस लेकर भारत में बनाया गया है। ब्रिटेन में भी इसे 50 लाख से अधिक टीके लगाये जा चुके हैं। ऐसे में ब्रिटेन द्वारा कोविशील्ड को मान्यता नहीं देना भेदभावपूर्ण नीति है।

श्रृंगला ने कहा कि विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ब्रिटेन के नये विदेश मंत्री से मुलाकात करके इस विषय को मजबूती से उठाया है। उन्हें जानकारी मिली है कि इस मुद्दे के समाधान के लिए कुछ आश्वासन मिले हैं। उन्होंने कहा कि यदि टीके की मान्यता को लेकर भेदभाव होगा तो हम भी जैसे को तैसा की तर्ज पर व्यवहार करेंगे और जो कोविशील्ड को मान्यता नहीं देंगे तो हम उनके टीकों को मान्यता नहीं देंगे।