भारत और पाकिस्तान के बीच असाइनमेंट वीजा का मुद्दा जल्द ही सुलझ सकता है, जो दोनों देशों के बीच 2 सालों से भी ज्यादा समय से एक और तनातनी की वजह बना हुआ है। बताया जा रहा है कि भारत और पाकिस्तान के बीच हुए एक समझौते के मुताबिक 16 जून को दोनों देशों की तरफ से राजनयिकों और अन्य स्टाफ सदस्यों के लिए लंबित असाइनमेंट वीजा को मंजूरी दे दी जाएगी। 

मालूम हो कि दोनों ही देश लंबे समय से अपने-अपने स्टाफ के लिए वीजा को मंजूरी दिए जाने का इंतजार कर रहे हैं। दरअसल, पाकिस्तान भारतीय अधिकारियों समेत दूसरे कर्मचारियों को वीजा देने में पैंतरेबाजी करता आ रहा है। कुछ मौकों को छोड़कर इस्लामाबाद की ओर पिछले 2 सालों से भारतीय अधिकारियों के लिए कोई वीजा जारी नहीं किया गया है, जिसे लेकर भारत ने सख्‍त कदम उठाते हुए 25 मई को इस्लामाबाद स्थित अपने उच्चायोग में तैनात अपने कुछ कर्मचारियों को वापस बुला लिया था। कार्यकाल पूरा करने के बाद भी इन अधिकारियों को बहुत लंबे समय तक इस्लामाबाद में रहने के लिए मजबूर किया गया था।

राजनयिकों और विदेशी सरकारी अधिकारियों को उनकी राष्ट्रीय सरकारों की ओर से अपने कर्तव्यों को पूरा करने की अनुमति देने के लिए असाइनमेंट वीजा, या वीजा की समय पर मंजूरी जरूरी है। भारत की ओर से कई बार याद दिलाने के बाद भी पाकिस्तान की तरफ से इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया, जबकि असाइनमेंट वीजा को जारी करने में थोड़ा समय भी लगता है। वहीं, पाकिस्तान भी राजनयिकों और अन्य स्टाफ सदस्यों के लिए वीजा को मंजूरी देने के लिए भारत के जवाब का इंतजार कर रहा है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, कई राजनयिकों समेत करीब 30 स्टाफ सदस्य वीजा का इंतजार कर रहे हैं। जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद दोनों देशों ने उच्चायोगों से अपने कर्मचारियों की संख्या आधी कर दी है।