केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने शनिवार को घोषणा की कि भारत कोविड-19 वैक्सीन के पहले सेट को अधिकृत करने की तैयारी में है। उन्होंने कहा कि ‘‘हमारे पास 30 करोड़ लोगों का टीकाकरण करने की क्षमता है।’’ मंत्री ने यहां वीडियो-कॉन्फ्रेंस के माध्यम से कोविड-19 पर उच्चस्तरीय ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स (जीओएम) की 22वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह घोषणा की। यह घोषणा ऐसे समय पर हुई है, जब भारत में कोरोनावायरस संक्रमित लोगों की कुल संख्या एक करोड़ पार हो चुकी है।

इसमें दौरान विदेश मंत्री एस. जयशंकर, नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री अश्विनी कुमार चौबे, गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय, नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) विनोद के. पॉल और प्रधानमंत्री के सलाहकार अमरजीत सिन्हा व भास्कर खुल्बे भी वर्चुअल तरीके से शामिल हुए। अपनी चिंता को दोहराते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि हमें कोरोनावायरस दिशानिर्देशों का पालन उस समय भी करना चाहिए, जब देश टीकों (वैक्सीन) के पहले सेट को अधिकृत करने को है। उन्होंने शुरुआती चरण में 30 करोड़ लोगों को वैक्सीन देने के लिए अभियान चलाने की जरूरत पर भी जोर दिया।

उन्होंने उन सभी कोविड योद्धाओं के प्रति गहरी कृतज्ञता भी व्यक्त की, जो महामारी के दौरान बिना थके अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे हैं। मंत्री ने कहा कि भारत की कोविड-19 महामारी की वृद्धि दर दो प्रतिशत तक गिर गई है और संक्रमण की वजह से मृत्युदर दुनिया में सबसे कम 1.45 प्रतिशत है।डॉ. हर्षवर्धन ने कहा है कि लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि देश में संक्रमणमुक्त होने की दर 95 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि देश में स्वदेशी वैक्सीन को तैयार कर लिया गया है और हमारे पास 30 करोड़ लोगों का टीकाकरण करने की क्षमता होगी। हर्षवर्धन ने कहा कि भारत में कोरोना वायरस के एक करोड़ से अधिक मामले सामने आए हैं। उसमें से 95 लाख 50 हजार लोग सफलतापूर्वक संक्रमणमुक्त हुए हैं। भारत में दुनिया में सबसे अधिक रिकवरी रेट है। वर्तमान में कोरोना रिकवरी रेट 95.46 प्रतिशत है।