भारत ने यूक्रेन (Ukraine) में फंसे अपने नागरिकों को निकालने के लिए दूतावास पहुंचने को कहा है और हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Russian President Vladimir Putin) की ओर से गुरुवार को यूक्रेन में सैन्य अभियान की घोषणा करने के बाद यूक्रेन में फंसे हुए भारतीय लोगों के लिए यह घोषणा की गई है।

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यूक्रेन में सभी भारतीय नागरिकों के लिए एक एडवाइजरी में, दूतावास (Indian Embassy) ने कहा, यूक्रेन में सभी भारतीय नागरिकों को सूचित किया जाता है कि चूंकि यूक्रेनी हवाई क्षेत्र (Ukrainian airspace) को बंद कर दिया गया है, इसलिए विशेष उड़ानों का कार्यक्रम रद्द कर दिया गया है। दूतावास ने आगे कहा कि भारतीय नागरिकों  (Indian citizens in Ukraine) को निकालने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है। एक अधिकारी ने कहा कि जैसे ही इस तरह की व्यवस्था को अंतिम रूप दिया जाएगा, दूतावास सूचना देगा, ताकि भारतीय नागरिक देश के पश्चिमी हिस्से में स्थानांतरित हो सकें।

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बयान के अनुसार, कृपया अपने पासपोर्ट (Passport) और आवश्यक दस्तावेज हर समय अपने साथ रखें। आपको सलाह दी जाती है कि इस संबंध में अपडेट के लिए दूतावास की वेबसाइट और सोशल मीडिया (फेसबुक, ट्विटर और इंस्टाग्राम) पोस्ट का पालन करें। दूतावास ने कुछ हेल्पलाइन नंबर (helpline number) जारी किए हैं, जिनमें प्लस 38 0997300483, प्लस 38 0997300428, प्लस 38 0933980327, प्लस 38 0635917881 और प्लस 38 0935046170 शामिल हैं। भारत ने युद्ध जैसे हालात पैदा होने के बाद से यूक्रेन में रह रहे नागरिकों को निकालने के लिए उड़ानों की शुरूआत की थी। इससे पहले 182 भारतीयों को लेकर एक विशेष विमान दिल्ली में उतरा था। लेकिन, पूर्वी यूरोपीय देश द्वारा अपना हवाई क्षेत्र बंद करने के बाद गुरुवार को एयर इंडिया की एक उड़ान को गुरुवार सुबह दिल्ली लौटने के लिए मजबूर होना पड़ा। 20,000 से अधिक भारतीय नागरिक यूक्रेन (Indian citizens in Ukraine) में हैं और रूस के साथ संकट पिछले एक सप्ताह में तेजी से बढऩे के बाद भारतीय मूल के नागरिकों को लेकर चिंता अब और बढ़ गई है। अब, भारत सरकार की तत्काल प्राथमिकता इन लोगों को निकालना है लेकिन यूक्रेन के हवाई क्षेत्र बंद होने के बाद चुनौती खड़ी हो गई है।भारत ने सुरक्षा परिषद से कहा था, ‘‘स्थिति एक बड़े संकट में तब्दील होने के कगार पर है। अगर सावधानी से नहीं संभाला गया, तो यह सुरक्षा को कमजोर कर सकता है।