धूम्रपान की आदत बढ़ती ही जा रही है। दुनिया में सर्वाधिक धूम्रपान करने के वाले टॉप 10 देशों में से भारत भी एक है। हाल ही में हुए एक अध्ययन में यह खुलासा हुआ है। इंस्टीट्यूट फॉर हेल्थ मैट्रिक्स एंड इवैलुएशन की ओर से किए गए इस अध्ययन की प्रमुख अध्ययनकर्ता मैरिसा रेट्समा हैं। अध्ययन के मुताबिक दुनिया में धूम्रपान करने वाली आबादी का दो तिहाई हिस्सा महज 10 देशों में है। इन दस देशों में भारत भी एक हैं। इस अध्ययन में 204 देशों को शामिल किया गया था।

धूम्रपान में टॉप 10 देशों में चीन, भारत, इंडोनेशिया, अमरीका, रूस, बांग्लादेश, जापान, तुर्की, वियतनाम और फिलीपींस का नाम शामिल है। हर तीन में से एक धूम्रपान करने वाला शख्स चीन में रहता है। रेट्समा के मुताबिक स्मोकिंग या धूम्रपान पर रोक लगानी जरूरी है। इसे तब तक नहीं रोका जा सकता, जब तक नए स्मोकर्स की संख्या नहीं थमेगी। 20 देशों में धूम्रपान करने वाले पुरुषों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है और 12 देशों में महिलाओं की संख्या बढ़ी है।

अध्ययन में सामने आया है कि दुनिया में साल 2019 में करीब 80 लाख लोगों की धूम्रपान के कारण मौत हो गई थी। गंभीर बात यह है कि नए स्मोकर्स में 89 फीसदी 25 साल की उम्र तक के हैं। वहीं 1990 के बाद के बाद अगले 9 साल में सिगरेट पीने वालों की संख्या में 150 मिलियन (15 करोड़) का इजाफा हुआ है। जिसके कारण सिगरेट पीने वालों की कुल संख्या बढकऱ 1.1 अरब हो गई है। साल 2019 में धूम्रपान से जुड़ी बीमारी इस्केमिक हृदय रोग से 17 लाख मौत, क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी बीमारी से 16 लाख मौत, श्वसन संबंधी कैंसर से 13 लाख मौत और स्ट्रोक से लगभग 10 लाख मौत हुई हैं। इससे पहले हुए अध्ययनों में पता चला था कि लंबे समय तक धूम्रपान करने वालों में से कम से कम आधे लोगों की मौत इससे होने वाली बीमारी के कारण होती है। यह अध्ययन लैंसेट पत्रिका में प्रकाशित हुआ है।