अगर सोने में निवेश करना चाहते हैं तो यही सबसे अच्छा मौका है। केंद्र सरकार की सॉवरेन गोल्‍ड बॉन्ड स्कीम इसके लिए बेस्ट ऑप्शन है। इस स्कीम के तहत खरीदारी पर फिजिकल गोल्ड तो नहीं मिलेगा, लेकिन आप बॉन्ड के तौर पर निवेश जरूर कर सकते हैं। केंद्र सरकार समय-समय पर सस्ती कीमत में गोल्ड बॉन्ड खरीदने का मौका देती है। ऐसा ही मौका 3 सितंबर तक के लिए है।

सॉवरेन स्कीम के तहत 3 सितंबर तक 4,732 रुपए प्रति ग्राम पर गोल्ड बॉन्ड खरीद सकते हैं। वहीं, ऑनलाइन आवेदन करने और डिजिटल तरीके से भुगतान करने वाले निवेशकों को 50 रुपए की अतिरिक्त छूट मिलेगी। आरबीआई के मुताबिक ऐसे निवेशकों के लिए गोल्ड बॉन्ड की कीमत 4,682 रुपए प्रति ग्राम होगी। देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक एसबीआई ने इस स्कीम में निवेश के 6 फायदे बताए हैं।

- सॉवरेन गोल्‍ड बॉन्ड में निवेश करने वाले निवेशकों को हर साल 2.5 फीसदी की सालाना दर से ब्याज मिलता है।
- इस स्कीम में निवेश का एक और फायदा कैपिटल गेन टैक्स से छूट की है। कहने का मतलब ये है कि निवेश निकालने पर कोई कैपिटल गेन टैक्स नहीं देना होता है।
-लोन के लिए सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड को कोलैटरल के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। - सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की अच्छी बात ये भी है कि इसमें सिक्योरिटी की झंझट नहीं है। इसके साथ ही फिजिकल गोल्ड की तरह स्टोरेज की कोई परेशानी नहीं है।
-सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड को स्टॉक एक्सचेंज में आसानी से ट्रेड कर सकते हैं।
- इस गोल्ड को खरीदने में कोई जीएसटी और मेकिंग चार्ज नहीं लगता है। आपके बता दें कि फिजिकल गोल्ड में ये चार्ज लगता है।

गोल्ड बॉन्ड की अवधि 8 साल की होती है और पांचवें, छठे एवं सातवें साल में इससे बाहर निकलने का विकल्‍प मिलता है।  स्कीम के तहत कम से कम एक ग्राम गोल्ड बॉन्ड की खरीदारी करनी होगी। बॉन्ड खरीदने की अधिकतम सीमा 4 किलोग्राम है।

गोल्ड बॉन्ड की बिक्री बैंकों, स्टॉक होल्डिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के जरिए की जाती है। इसके अलावा नामित डाकघरों और मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंजों जैसे कि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड और बॉम्बे स्टॉ‍क एक्सचेंज लिमिटेड के जरिए भी बॉन्ड की बिक्री होती है।