केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार (Government) ने रिटायर होने वाले कर्मचारियों को बड़ी सौगात दी है। मोदी सरकार ने इनको लेकर बड़ा फैसला लिया है। इसके तहत अब रिटायर होने वाले सरकारी कर्मचारियों के लिए समग्र स्थानांतरण अनुदान नियमों में संशोधन हुआ है। लाखों केंद्रीय कर्मचारियों को इसका लाभ मिलेगा।

भारत सरकार इस फैसले के तहत उन मामलों में (CTG Limits) की सीमा खत्म करेगी। अभी तक केंद्र सरकार ऐसे सरकारी कर्मचारियों को सीटीजी का एक-तिहाई देती है। ये वो कर्मचारी होते हैं जो ड्यूटी के आखिर स्टेशन पर या इससे 20 किसी से अधिक दूर नहीं रहते हैं।

अब केंद्रीय कर्मचारी रिटायर होने के बाद अंतिम स्टेशन पर या किसी अन्य स्थान पर बसने के लिए 100 फीसदी सीटीजी ले सकेंगे। अब इस नियम के बाद रिटायर होने वाले कर्मचारियों को सबसे ज्यादा लाभ प्राप्त होगा।

केंद्र सरकार के अभी तक के नियमों के अनुसार पिछले महीने के मूल वेतन के 80 परसेंट हिस्से के आधार पर सीटीजी सरकार अपने पास जमा करती थी। जबकि अंडमान-निकोबार और लक्ष्यद्वीप जैसे जगहों पर या बाहर रहने वाले कर्मचारियों को उनके रिटायर होने के बाद मूल वेतन का 100 फीसदी दिया जाता है।

गौरतलब है कि सीटीजी सरकार की तरफ से दिया जाने वाला एकमुश्त अनुदान है जो केंद्र सरकार देती है। इसकी वजह से रिटायर कर्मचारियों को ड्यूटी के अंतिम स्टेशन से ट्रांसफर करने में सहायता होती है। इस भुगतान का दावा करने के लिए केंद्र सरकार के कर्मचारियों को निर्धारित प्रारूप में निवास परिवर्तन के संबंध में स्वघोषणा प्रमाणपत्र देना होता है। इसके बाद उन्हें भुगतान किया जाता है।