2 सिक्कों की चोरी करना एक कर्मचारी को भारी पड़ गया है क्योंकि उसने इस कारनामे को टकसाल में अंजाम दिया था। दरअसल भारत सरकार के टकसाल में तैनात एक कर्मचारी को अब 7 साल तक की जेल काटनी पड़ सकती है। इस कर्मचारी ने टकसाल के 40 रुपये चुराए। यह रुपये 20-20 रुपये के दो सिक्के थे, जो अभी रिलीज नहीं किए गए थे। चोरी गए दो सिक्कों का केस एमआरए मार्ग पुलिस में दर्ज हुआ। पुलिस अब इस मामले की जांच कर रही है कि चाबुकसर ने टकसाल से यह चोरी पहली बार की है या इससे पहले भी वह चोरी कर चुका है।


सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्यॉरिटी फोर्केस (CISF) इंस्पेक्टर समशेर सज्जुराम टकसाल में तैनात हैं। शिकायत के बाद उन्होंने सोमवार को चाबुकसर का लॉकर खोला तो उसके अंदर चोरी किए गए सिक्के मिले। पुलिस ने बताया कि चाबुकसर के ऊपर आईपीसी की विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। उसे अब सात साल तक की सजा हो सकती है।
पुलिस ने बताया कि चाबुकसर ने टकसाल से दो सिक्के चुराए। यहां सीआईएसएफ के गार्डों और कर्मचारियों की आते और जाते समय सख्त चेकिंग होती है। उसे लगा कि वह इन सिक्कों को बाहर नहीं ले जा सकता तो उसने लॉकर में ही उन्हें छिपा दिया।
20 रुपये के सिक्कों को इसी साल अप्रैल में रिलीज किया जाना था लेकिन कोरोना वायरस महामारी के चलते अभी यह रिलीज नहीं किए गए हैं। यह 20 का सिक्का दस के रुपये के सिक्के की तरह ही दो तरह का है। सिक्के का आउटर 65 फीसदी कॉपर का, 15 फीसदी जिंक, 20 फीसदी निकल का बना होगा।
मुंबई टकसाल की स्थापना 1829 में की गई थी। यह देश के चार टकसालों में से एक है। बाकी की तीन टकसाल हैदराबाद, कोलकाता और नोएडा में हैं। सिक्कों के अलावा इस टकसाल में रक्षा मंत्रालय और गृह मंत्रालय के लिए मेडल बनाए जाते हैं। यहां पर शैक्षिक संस्थानों और समाजिक कार्य करने वाली संस्थानों के लिए भी मेडल बनाए जाते हैं। राज्य सरकारों, लैबों और इंडियन स्टैंडर्ड्स ब्यूरो के लिए भार और मापन उत्पाद भी बनते हैं। पुलिस ने बताया कि कोरोना वायरस के चलते चाबुकसर को अभी गिरफ्तार नहीं किया गया है। उसे नोटिस भेजकर जांच में सहयोग करने को कहा गया है। ने कहा कि उसने यह चोरी जिज्ञासावश की थी न कि धन कमाने के लिए।