कश्मीर के उस बड़े हिस्से में हाल ही में चुनाव हुए है जो पाकिस्तान के कब्जे में है। इसे पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर कहा जाता है। वैधानिक तौर पर ये हिस्सा भारत का ही है, जिस पर पाकिस्तान ने 70 सालों से कहीं ज्यादा समय से अवैध तौर पर कब्जा कर रखा है। भारत ने कभी इसको गंभीरता से वापस लेने की कोशिश नहीं की। इन चुनावों में पाकिस्तान की सत्ताधारी इमरान खान की पार्टी पर धांधली के आरोप लगे हैं लेकिन भारत ने इन चुनावों को खारिज कर दिया है। उसने दो टूक पाकिस्तान से फिर कहा है कि वो इन चुनावों को नहीं मानता। ये जमीन उसकी है और पाकिस्तान इसे खाली करे।

भारत को जब आज़ादी मिली, यानी 1947 में जम्मू-कश्मीर के राजा महाराज ​हरि सिंह के पास दो विकल्प थे। वो या तो अपनी रियासत को भारत में शामिल करें, या पाकिस्तान में। लेकिन यह फैसला कर पाने में हरि सिंह ने काफी समय लिया। इसी दौरान पाकिस्तान की तरफ वाले कश्मीरियों (मुस्लिम बहुल आबादी) ने हरि सिंह के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। इस विद्रोह से निपटने के लिए हरि सिंह ने भारतीय सेना की मदद मांगी, तो भारत ने उन्हें शर्तों पर मदद देने का भरोसा दिया।

शर्त के अनुसार जम्मू-कश्मीर को भारत के राज्य के तौर पर खुद को स्वीकार करना था और भारत को रक्षा, विदेश नीति और संचार जैसे कुछ हक देने थे। हरि सिंह ने इसे कबूल किया लेकिन तब तक विद्रोहियों ने एक बड़े हिस्से पर अपना कब्ज़ा कर लिया था। बाद में सियासत देखते हुए इस हिस्से के कश्मीरियों ने खुद को आज़ाद घोषित किया। तब से ये इलाका आज़ाद कश्मीर या पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) कहलाता है।

पीओके का कुल क्षेत्रफल करीब 13 हजार वर्ग किलोमीटर है, जहां करीब 30 लाख लोग रहते हैं। वैसे तो यह हिस्सा अधिकतर गुमनामी में रहता है लेकिन पीओके पर सीधे तौर पर पाकिस्तान का दखल है।

भारत और पाकिस्तान दोनों ही इस हिस्से पर अपने अधिकार क्षेत्र का दावा करते रहे और कई बार कई तरह के दावे पेश किए जाते रहे। अब भी ये हिस्सा एक राजनीतिक मुद्दा बना हुआ है।

पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर दो हिस्सों में बंटा हुआ है, औपचारिक तौर पर एक को जम्मू-कश्मीर और दूसरे को गिलगिट बाल्टिस्तान कहा जाता है। लेकिन, पाकिस्तान में इन दोनों हिस्सों को मिलाकर आज़ाद कश्मीर भी कहा जाता है।

पीओके की संरचना और भूगोल
– पाक अधिकृत कश्मीर का प्रमुख राष्ट्रपति होता है और मुख्य कार्यकारी अधिकारी के तौर प्रधानमंत्री होता है, जो अपने मंत्रियों की परिषद के साथ काम करता है।
– पाक अधिकृत या आज़ाद कश्मीर दावा करता है कि उसकी अपनी सरकार है लेकिन सच ये है कि ये सरकार पाकिस्तान के नियंत्रण में ही काम करती है। पीओके का अपना सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट भी है।
–  ये कश्मीर का ही हिस्सा है, जिसकी सीमाएं पाकिस्तान के पंजाब प्रांत, अफगानिस्तान के वाखान कॉरिडोर, चीन के झिनझियांग और भारत के कश्मीर के पूर्व से मिलती हैं।
– अगर गिलगिट बाल्टिस्तान को ​हटा दिया जाए तो आज़ाद कश्मीर का इलाका 13 हज़ार 300 वर्ग किलोमीटर में फैला है, जिसकी आबादी 40 लाख है। ये इलाका भारतीय कश्मीर से करीब तीन गुना ज़्यादा है।
– पा​क अधिकृत कश्मीर की राजधानी मुज़फ्फराबाद है। यहां 8 ज़िले मीरपुर, भीमबर, कोटली, मुज़फ्फराबाद, बाग, नीलम, सूधानोटी और रावलकोट के अलावा 19 तहसीलें और 182 संघीय परिषदें हैं।