बेहतर मानसून सीजन के साथ ही दूसरी तिमाही में भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) विकास दर में उछाल (India Gdp Growth Rate) देखने को मिला है। देश की जीडीपी (GDP) साल-दर-साल आधार पर 8.4 प्रतिशत दर्ज की गई है। केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2021-22 में दूसरी तिमाही के लिए सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के आंकड़ों को जारी कर दिया है।

जुलाई-सितंबर तिमाही में देश की जीडीपी में सुधार एक अच्छा संकेत कहा जा सकता है। हालांकि विशेषज्ञों की मानें तो एक साल पहले की रिकॉर्ड गिरावट की वजह से ‘कम आधार’ इसकी प्रमुख वजह रही है। इसके साथ मैन्युफैक्चरिंग और कंस्ट्रक्शन सेक्टर (Manufacturing and construction sector) में भी रिकवरी हुई है और मानसून सीजन भी बेहतर रहा है, जिसका इस पर सकारात्मक असर पड़ा है। पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि के दौरान भारत की जीडीपी विकास दर में 7.4 प्रतिशत की गिरावट आई थी।

क्रमिक आधार पर, वित्त वर्ष 2022 की दूसरी तिमाही के दौरान सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर वित्त वर्ष 2022 की पहली तिमाही में 20.1 प्रतिशत दर्ज की गई थी। 2021-22 में जीडीपी ऐट कॉन्स्टैंट प्राइसेज (GDP at Constant Prices) 35.73 लाख करोड़ रुपये रहा है। इससे पहले 2020-21 की दूसरी तिमाही में यह आंकड़ा 32.97 करोड़ रुपये पर रहा था। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) ने अपने वित्त वर्ष 2022 की दूसरी तिमाही के जीडीपी अनुमान में यह जानकारी दी है। बयान के अनुसार, देश की जीडीपी दूसरी तिमाही (जुलाई से सितंबर) में 8.4 प्रतिशत दर्ज की गई है। बता दें कि अधिकतर विशेषज्ञों और व्यावसायिक जगत से जुड़ी एजेंसियों ने दूसरी तिमाही में जीडीपी ग्रोथ 7.5 प्रतिशत और 8.5 प्रतिशत के बीच रहने का अनुमान जताया था।