मिजोरम सरकार तथा असम राइफल अथॉरिटी म्यांमार से आए 219 शरणार्थियों को वापस अपने देश भेजने मे विफल रही। इन शरणार्थियों को लांगतलाई जिले से पड़ौसी देश भेजा जाना था। इसकी जानकारी गृह विभाग के अधिकारियों द्वारा दी गई है।

अधिकारियों ने कहा कि शरणार्थियों को हमावंगबुछूआहगांव से मंगलवार को म्यांमार भेजने का कार्य पूरा नहीं हो सका। इस बारे में विदेशी मामलात मंत्रालय की ओर से कहा गया है म्यांमार की अथॉरिटीज अपने नागरिकों को वापस अपने देश में लेने में विफल रही है। इन सभी शरणार्थियों को लांगतलाई जिला प्रशासन, पुलिस, असम राइफल तथा एनजीओ म्यांमार भेजने में कामयाब नहीं हो सके हैं। इसके पीछे की मुख्य वजह काफी बड़ी पहाड़ियां और खराब मौसम का होना बताया गया है।

सैंकड़ों शरणार्थी भरे पड़े

खबर है कि 1700 से ज्यादा शरणार्थी पालेटवा और उसके आस—पास के गांवों में भरे पड़े हैं। ये यहां पर नवंबर 2017 में आए थे और मिजोरम तथा लावंगतलाई जिले के कई शेल्टर्स में शरण लिए हुए हैं। ये सभी उस समय आए थे जब म्यांमार सेना तथा वहां के अराकान आर्मी के बीच लड़ाई छिड़ी थी।

जान का खतरा

हालांकि भारत आए शरणार्थी बड़ी तादात में वापस जा चुके हैं, लेकिन कुछ अभी यहां रूके हुए हैं जिनको वापस भेजे जाने का कार्यक्रम जारी है। इन शारणार्थियों का कहना है कि वापस नहीं जाना चाहते क्योंकि उनके गांवों अशांति है। इस वजह से उनके परिवार को जान का खतरा है। इनमें बड़ी संख्या रखाईन कम्यूनिटी तथा जाखाई लोग शामिल हैं।