पूर्वी लद्दाख के गलवान घाटी में चीन के साथ हिंसक झड़प और सैन्य टकराव के बाद भारत ने दुनिया के सबसे अचूक टैंक माने जाने वाले टी-90 भीष्म टैंक को तैनात कर दिया है। भारतीय सेना ने अपने सबसे घातक हथियार को लद्दाख पहुंचा दिया है। 

दुनिया के सबसे बेहतरीन टैंकों में से एक टी-90 भीष्म टैंक लद्दाख में तैनात कर दिए गए हैं। चीन को जवाब देने के लिए भारतीय सेना अब अपनी तैयारी में जुट गई। लद्दाख में इस तैनाती को भारतीय सेना का सबसे बड़ा शक्ति प्रदर्शन कहा जा रहा है। ऐसा इसलिए क्योंकि इनकी तैनाती का मतलब है कि भारतीय सेना युद्ध जैसे हालात के लिए हर पल तैयार है।

ताजा रणनीति भारत की तरफ से चीन को साफ संदेश है कि सीमा पर चीन का अतिक्रमण या घुसपैठ को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दुश्मन की चाल से एक कदम आगे बढ़ते हुए रणनीतिक और सामरिक लिहाज से भारत ने दुश्मन पर बढ़त भी हासिल कर ली है। इससे सरहद पर भारत की मोर्चाबंदी इतनी मजबूत हो गई है कि घुसपैठ के इलाके से चीन को पीछे हटना ही होगा।

-टी-90 टैंक की खूबियां

-प्रमुख युद्धक टैंक है, जिसकी रक्षात्मक प्रणाली शानदार है।

-जैविक और रासायनिक हथियारों से निपटने में सक्षम।

-शुरुआती टैंक रूस में बन कर आए।

-एक मिनट में आठ गोले फायर करने की क्षमता।

-टैंक में अचूक 125 एमएम की मेन गन।

-6 किमी दूर मिसाइल लॉन्च करने की क्षमता।

-48 टन वजन, दुनिया के हल्के टैंकों में एक।

-दिन और रात में दुश्मन से लडऩे की क्षमता।

-मिसाइल हमले को रोकने वाला कवच।

-1000 हॉर्स पावर का शक्तिशाली इंजन।

- 72 किमी/घंटे की तेज रफ्तार

-एक बार में 550 किमी दूरी तय करने में सक्षम।