भारत के कड़े विरोध के बावजूद चीन की सेना ने एक बार फिर पेट्रोलिंग पॉइंट 14 के आसपास कुछ ढांचा खड़ा किया है। चीन ने गलवान घाटी पर अपना दावा किया है, जिसे भारत ने खारिज कर दिया है। चीनी सैनिकों की मौत को नकार चुके चीन ने लद्दाख की गलवान घाटी में वास्तविक नियंत्रण रेखा के पास भारतीय सैनिकों के साथ संघर्ष में मारे गए चीनी सैनिकों के पीड़ित परिवारों को शांत करने का प्रयास किया है। 

हालांकि चीन आधिकारिक रूप से स्वीकार नहीं करता कि झड़प में उसके सैनिकों की मौत हुई थी। चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के मुखपत्र द ग्लोबल टाइम्स में भी स्वीकार किया गया है कि सेना में सर्वोच्च सम्मान के साथ मृतकों के साथ व्यवहार किया गया है और यह जानकारी आखिर सही समय पर समाज को दी जाएगी, ताकि नायकों को सम्मानित किया जा सके और उन्हें याद किया जा सके। हालांकि ग्लोबल टाइम्स ने स्वीकार किया है कि लद्दाख में हिंसक झड़प में 20 से कम चीनी सैनिक मारे गए हैं, लेकिन शी जिनपिंग सरकार ने इस बारे में अभी तक चुप्पी नहीं तोड़ी है।

गौरतलब है कि चीन में दो दिन पहले ही एक वीडियो सामने आया था, जिसमें दिखाया गया कि पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के जवानों के परिवार इस बात से नाराज हैं कि भारतीय सैनिकों के विपरीत, उनके शहीदों को कोई सम्मान नहीं मिला है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसके बाद संपादकीय में यह बात कही गई है।