आम बजट 2019 जनता के साथ—साथ उत्तरपूर्व से लेकर पश्चिम और उत्तर से लेकर दक्षिण तक भारत तक कार्यरत सरकारी कर्मचारियों के लिए भी बड़ा तोहफा लेकर आ रहा है। बजट पेश करने से ठीक एक दिन पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने साल 2018-19 की आर्थिक समीक्षा पेश की। इस समीक्षा में सामने आया है कि सरकारी कर्मचारियों की रिटायरमेंट उम्र सीमा बढ़ाए जाने पर जोर दिया गया है।

इसके सर्वे में कहा गया है कि 21वीं सदी के लिए जनकल्याण योजनाएं देश में लोगों की जीवन प्रत्याशा में वृद्धि की संभावना के मद्देनजर आर्थिक समीक्षा में कर्मचारियों की सेवानिवृति आयु बढ़ाने का सुझाव है। यह आर्थिक सर्वेक्षण मुख्य आर्थिक सलाहकार कृष्णमूर्ति सुब्रमणियन ने तैयार किया है। इसमें बताया गया है कि भारत में जीवन प्रत्यासा औसतन 60 वर्ष होने लगी है, इसका मतलब अब 60 वर्ष की उम्र में भी लोग स्वस्थ रहते हैं तथा काम करने योग्य होते हैं।

आर्थिक सर्वे में कहा गया है कि भारत में महिला और पुरूषों की जीवन प्रत्याशा में लगातार वृद्धि हो रही है। ऐसे में यह पेंशन प्रणाली की व्यवहार्यता और महिला श्रम बल में वृद्धि में बड़ी भूमिका निभा सकती है। ऐसे में मोदी सरकार यदि मुख्य आर्थिक सलाहकार सुब्रमणियन और उनकी टीम की सलाह पर आगे बढ़ती है तो सरकार कर्मचारियों की रिटायरमेंट उम्र सीमा बढ़कर 70 साल हो जाएगी।