केंद्र सरकार की ओर से आज यानी 7 जुलाई को आम बजट 2019-20 पेश किया जा रहा है। ऐसे में देश के सभी राज्यों को उम्मीद है कि उनके विकास के लिए काफी पैसा दिया जाएगा। इस आशा में उत्तरपूर्वी राज्य भी पीछे नहीं। इन राज्यों को सबसे ज्यादा उम्मीद है कि केंद्र की ओर से उनको अकूत धनराशि दी जाएगी। इसके पीछे के कई कारण है जो उन्हें खास बनाते हैं। इतना ही नहीं बल्कि मोदी सरकार अपने पहले कार्यकाल से ही उत्तरपूर्वी राज्यों के प्रति संवेदनशील रही है।

आम बजट 2019-20 में उत्तरपूर्वी राज्यों को मोटा पैसा दिए जाने के पीछे की राजनीतिक वजह भी है। क्योंकि अपने दूसरे टर्म के लिए भाजपा ने इनमें जबरदस्त प्रचार और प्रसार किया। इसके साथ ही उत्तरपूर्व राज्यों की जनता ने भी भाजपा और उसके समर्थन वाले दलों को जमकर वोट दिए। इतना ही नहीं बल्कि लगभग सभी राज्यों में आज भाजपा की या उसके समर्थन वाली सरकारें है। एक समय ऐसा भी था जब उत्तरपूर्वी राज्यों में भाजपा का नामोनिशान तक नहीं था, लेकिन अब हवा इसी पार्टी की चल रही है।

उत्तरपूर्व के 8 राज्यों आज त्रिपुरा, असम, अरूणाचल प्रदेश, मणिपुर में भाजपा के बहुमत वाली सरकार हैं, जबकि मणिपुर, सिक्किम और मेघालय में भाजपा समर्थित या उसके गठबंधन वाली सरकारें हैं। इन राज्यों की जनता ने भाजपा से लगाव दिखाते हुए जबरदस्त वोट दिए हैं। इतना ही बल्कि भाजपा भी इन राज्यों के विकास को लेकर प्रतिबद्ध है, ऐसे में यह तय माना जा रहा है कि केंद्र सरकार के आम बजट में ​इन राज्यों के लिए विशेष पैकेज समेत विकास की कई योजनाओं की सौगात दी जाएगी।