विदेश मंत्री सुब्रमण्यम जयशंकर ने G20 देशों से कहा है कि तालिबान को किसी भी तरह से आतंकवाद के लिए अफगानिस्तान की धरती के इस्तेमाल की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए। तालिबान ने इसे लेकर प्रतिबद्धता जाहिर की है और इसे लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा है कि दुनिया एक व्यापक समावेशी सरकार की अपेक्षा करती है जिसमें अफगान समाज के हर वर्ग के लोग शामिल रहें। G20 विदेश मंत्रियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को मानवीय जरूरतों के जवाब में एक साथ आना चाहिए। जरूरतमंदों तक सीधी सहायता पहुंचनी चाहिए।

जयशंकर ने UNSC के नए प्रस्ताव 2593 को लेकर भी बात की। बता दें कि 2593 का दूसरा पैराग्राफ साफ तौर पर कहता है कि अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल किसी भी देश को धमकाने या हमला करने या आतंकियों को शरण देने या ट्रेनिंग देने या आतंकी हमलों की प्लानिंग या उन्हें फंडिंग करने के लिए नहीं किया जाना चाहिए।

G20 बैठक के बाद अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने ट्वीट कर लिखा है कि #UNGA76 पर G20 विदेश मंत्रियों और अफगानिस्तान पर अंतर्राष्ट्रीय संगठन के प्रमुखों के साथ एक उपयोगी बातचीत हुई। तालिबान के लिए अपनी प्रतिबद्धताओं का पालन करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय समुदाय अपनी अपेक्षाओं को लेकर एकजुट है।

बता दें कि बीते 15 अगस्त कि तालिबान ने काबुल पर कब्जा कर लिया था। इसके बाद तालिबान के कब्जे से दूर एकमात्र प्रदेश पंजशीर पर भी तालिबान ने 6 सितंबर को कब्जा कर पूरे अफगानिस्तान पर कब्जा कर लिया था। तालिबान ने लगातार कहा है कि किसी भी देश के खिलाफ अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा।