ओलम्पिक में कांस्य जीतने वाली एमसी मैरी कोम के अलावा तीन भारतीय महिला मुक्केबाजों ने शनिवार को यहां जारी एशियाई मुक्केबाजी चैम्पियनशिप के सेमीफाइनल में जगह बना ली है। इस तरह भारत के लिए इस चैम्पियनशिप में कम से कम चार कांस्य पदक पक्के हो गए हैं।

इस चैम्पियनशिप के साथ अंतर्राष्ट्रीय मुक्केबाजी में वापसी करने वाली मैरी कोम के नेतृत्व में खेलते हुए भारतीय महिला मुक्केबाजों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है।

शिक्षा और प्रियंका चौधरी ने शनिवार को अपने-अपने मुकाबले जीतते हुए मेडल दौर में प्रवेश किया।

48 किलोग्राम वर्ग में मैरी कोम खास तौर पर काफी प्रभावशाली रहीं। मैरी कोम ने चाइनीज ताइपे की मेंग चेह पेन को 4-1 से हराया।

मैरी कोम ने काफी सावधान शुरूआत की क्योंकि उनकी प्रतिद्वंदी अपने अटैकिंग खेल के लिए जानी जाती हैं। दूसरे राउंड में चाइनीज चाइपे की मुक्केबाज ने अपना अलग रंग दिखाया और रक्षात्मक से आक्रमक हो गईं। उन्होंने लेफ्ट स्ट्रेट और राइट हुक का शानदार प्रयोग किया।

मैरी कोम हालांकि इससे घबराई नहीं और यह सुनिश्चित किया कि उन्हें अधिक नुकसान न हो। साथ ही साथ वह पेन पर कुछ मुक्के जडऩे में सफल रहीं।

मैरी कोम ने अपना असल रंग तीसरे राउंड में दिखाया। वह काफी तेजी से मुक्के बरसाने में सफल रहीं और इन पर उन्हें अच्छे अंक मिले। मैरी कोम की रणनीति सफल रही और वह यह मैच 4-1 से जीतने में कामयाब रहीं।

बैंटमवेट कटेगरी में शिक्षा ने उजबेकिस्तान की फारांगिज कोशिमोवा के खिलाफ शानदार खेल दिखाया और अपना क्वार्टर फाइनल मुकाबला 5-0 के अंतर से जीता। कोशिमोवा को कठिन प्रतिद्वंद्वी माना जाता है और इसी कारण शिक्षा को पूरे मुकाबले के दौरान काफी सावधान रहना पड़ा।

लाइटवेट कटेगरी में प्रियंका ने श्रीलंका की दुलानजानी लंकापुरायालागे को 5-0 से हराकर अपना नाम पदक पाने वालों की सूची में दर्ज कराया।

इससे पहले, सीमा पूनिया ने 81 प्लस कटेगरी में जीत हासिल करते हुए सेमीफाइनल में स्थान पक्का किया। सावीटी बोरा हालांकि अपनी साथियों की तरह सफलता नहीं हासिल कर सकीं और चीन की ली क्वीयान के खिलाफ हार गईं।