गुवाहाटी पूर्वोत्तर का सबसे बड़ा रेलवे स्टेशन है, जहां रोजना 40000 यात्रियों की आवाजाही होती है एवं इस स्टेशन से प्रतिदिन 30 जोड़ी ट्रेनें गुजरती है। इसलिए इस स्टेशन की सुरक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण है।


आगामी स्वतंत्रता दिवस ( I- Day ) समारोह के मद्देनजर पू. सी. रेलवे द्वारा गुवाहाटी सहित सभी प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा के इंतजाम विशेष रूप से चौकस कर दिए गए है। जोनल तथा मंडल स्तर पर मुख्य सचिव एवं डीजीपी, असम के साथ जीआरपी, स्थानीय पुलिस तथा खुफिया एजेंसियों, रेलवे/नागरिक प्रशासन के साथ समन्वय बैठक का आयोजन किया गया। सतर्क रहने के लिए निर्देशावलियां जारी कर दी गई है।


सभी प्रमुख स्टेशनों पर संबंधित राज्य पुलिस कर्मियों तथा अन्य सुरक्षा एजेंसियों द्वारा पहरेदारी की जा रही है। स्टेशन पर एक अधिकारी के अधीन पूर्ण रूप से सशस्त्र रपीएसएफ जवान के साथ आरपीएफ बल सम्मिलित एक क्विक रिएक्शन टीम पाली ड्युटी में तैनात हैं। स्टेशन पर प्रत्येक पाली में सुरक्षा की देखरेख करने में सहायता के लिए करीप 30 जीआरपी कर्मचारी भी तैनात किए गए हैं।


सर्वांगीण सुरक्षा में सुधार लाने के लिए संवेदनशील जगहों/अनुभागों में मोटर ट्रॉली द्वारा अथवा जीआरपी/आरपीएफ तथा रेलवे कर्मचारी द्वारा पैदल रेल की पटरियों पर गश्ती लगाई जा रही है। हैंड मेटर डिटेक्टरों, बैगेज स्कैनरों की सहायता से यात्रियों तथा सामानों की जांच की जा रही है।


स्टेशनों, ट्रेनों, प्लेटफॉर्मों पर स्निफर कुत्तों की मदद से तोड़फोड़ विरोधी जांच भी की जा रही है। पहुंच पर नियंत्रण करने के लिए रेलवे स्टेशनों, विशेष कर प्रवेश एवं निकासी क्षेत्र में सुरक्षा की निगरानी की जा रही है।


सभी संवेदनशील क्षेत्रों की सीसीटीवी द्वारा चौबीसों घंटे निगरानी की जा रही है। महत्वपूर्ण मेल/एक्सप्रेस तथा पैसेंजर ट्रेनों को आरपीएफ/आरपीएसएफ अथवा जीआरपी द्वारा बेतरतीब आधार पर ले जाया रहा है। सतर्कता तथा अन्य एहतियाती उपाय के अधीक्षण के लिए राजपत्रित अधिकारीगण स्टेशनों पर रात्रिकालीन जांच कर रहे हैं।


ऊपरोक्त के अलावा, कूड़ेदानों, मालघरों, पार्सलों, पार्किंग क्षेत्र इत्यादि की नियमित जांच करने के लिए संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं। संदिग्ध व्यक्तियों तथा सामाग्रियों पर नजर रखने के लिए कूलियों, विक्रेताओं, टैक्सी/ऑटो रिक्शा चालकों के साथ बैठक कर सजग किया गया है। यात्रियों के बीच सुरक्षा संबंधी सजगता कायम करने के लिए सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली के जरिए नियमित घोषणाएं की जा रही है।