भारत और इंग्लैंड के बीच शनिवार को यहां होने वाले पांचवें और अंतिम टी-20 मैच में दोनों देशों के बीच पांच मैचों की सीरीज का निर्णायक मुकाबला खेला जाएगा। भारत ने कल खेले गए चौथे मैच में इंग्लैंड के मुकाबले हर लिहाज से बेहतर प्रदर्शन किया। भारत ने 20 ओवर में आठ विकेट पर 185 रन बनाने के बाद इंग्लैंड को आठ विकेट पर 177 रन पर रोक कर सीरीज में बराबरी हासिल करने वाली जीत अपने नाम की। 

इंग्लैंड ने इससे पहले तीसरा मैच आठ विकेट से जीता था, जबकि भारत ने दूसरा मैच सात विकेट से जीत कर सीरीज में 1-1 से बराबरी हासिल की थी। इंग्लैंड ने पहला मैच आठ विकेट से जीता था। भारत ने दोनों देशों के बीच टेस्ट सीरीज 3-1 से जीती थी। दोनों देशों के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज 23 मार्च से शुरू हो रही है और भारतीय टीम वनडे सीरीज में विजयी अंदाज में उतरना चाहेगी, लेकिन इसके लिए उसे आखिरी टी-20 मुकाबला जीतना होगा जो पहले चार मैचों की तरह अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में ही खेला जाएगा। 

भारत के लिए चौथे मुकाबले में सबसे अच्छी बात ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या का चार ओवर की पूरी गेंदबाजी करना रहा। पांड्या ने चार ओवर डाले और 16 रन खर्च कर दो विकेट भी निकाले। अनुभवी तेज गेंदबाज शार्दुल ठाकुर ने 42 रन खर्च कर तीन विकेट निकाले, जबकि स्पिन विभाग में राहुल चाहर ने 35 रन खर्च कर दो विकेट लिए। भुवनेश्वर कुमार को 30 रन खर्च कर एक विकेट हासिल हुआ। इस हिसाब से देखा जाए तो भारत की गेंदबाजी काफी हद तक पांड्या पर निर्भर रही। पांड्या ने अपने चार ओवरों में कंजूसी के साथ गेंदबाजी करते हुए मात्र 16 रन दिए और जैसन रॉय तथा सैम करेन के विकेट झटके। 

सूर्यकुमार ने अपने पदार्पण टी-20 मुकाबले में शानदार अर्ध शतक जड़ा और मैन ऑफ द मैच पुरस्कार भी ले उड़े। भारतीय कप्तान विराट कोहली ने मैच के बाद कहा, सूर्यकुमार ने अपने पहले ही मैच में शानदार बल्लेबाजी की। वह ईशान किशन की तरह बिना किसी भय के खेले। हमारे पास इस मुकाबले के बाद कोई टी-20 मुकाबला नहीं है, इसलिए मैं चाहता हूं कि ये युवा खिलाड़ी अपने अंदर आत्मविश्वास महसूस करें। सूर्यकुमार ने चौथे मैच में 28 गेंदों में अर्ध शतक पूरा किया और उन्होंने अपनी बल्लेबाजी में वह जज्बा दिखाया जिसकी विराट लगातार सीरीज शुरू होने के बाद से बात कर रहे थे। 

भारत को यह जीत उस पिच पर मिली जिस पिच पर भारत ने पहला मैच इंग्लैंड से गंवाया था। इंग्लैंड के बल्लेबाज आखिरी ओवर तक जाते-जाते अपनी ऊर्जा खो बैठे थे। इंग्लैंड को अंतिम ओवर में जीत के लिए 23 रन बनाने थे, लेकिन टीम लक्ष्य से आठ रन पीछे रह गई। बड़े लक्ष्य के सामने इंग्लैंड की शुरुआत खराब रही थी और भुवनेश्वर कुमार ने पहला ओवर मैडन फेंका था, जबकि हार्दिक पांड्या ने दूसरे ओवर में सिर्फ दो रन दिए थे। इन दो ओवरों ने अंत में जा कर इंग्लैंड के बल्लेबाजों का काम खराब किया और मेहमान टीम लक्ष्य से आठ रन दूर रह गई।