विराट कोहली की टीम इंडिया ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले दो वनडे में करारी पराजय झेलने के बाद अब बुधवार को कैनबरा के मानुका ओवल मैदान में होने वाले तीसरे और अंतिम वनडे में क्लीन स्वीप से बचने और अपना सम्मान बचाने के मजबूत इरादे से उतरेगी। भारत ने सीरीज के पहले दो वनडे सिडनी मैदान में खेले थे जहां उसे क्रमश: 66 रन और 51 रन से बड़ी पराजय का सामना करना पड़ा था। इन पराजयों के बाद विराट की कप्तानी की कड़ी आलोचना हो रही है और अब तीसरे मुकाबले में विराट को ना केवल अपनी टीम को क्लीन स्वीप से बचाना होगा बल्कि अपना सम्मान भी बचाना होगा। 

भारत को यदि तीसरे वनडे में वापसी करनी है तो उसके गेंदबाजों को बेहतर प्रदर्शन करना होगा। भारतीय गेंदबाजों ने पहले वनडे में 374 रन और दूसरे वनडे में 389 रन लुटाए थे। इस प्रदर्शन के बाद भारतीय गेंदबाज भी कड़ी आलोचना का सामना कर रहे हैं कि वह खुद को टी-20 प्रारुप से 50 ओवर के प्रारुप में नहीं ढाल पाए हैं जबकि ऑस्ट्रेलिया के खिलाड़यिों ने यह काम बखूबी किया है। भारतीय टीम और ऑस्ट्रेलिया के कई खिलाड़ी संयुक्त अरब अमीरात में पिछले महीने 10 नवंबर को आईपीएल समाप्त होने के बाद दुबई से सीधे सिडनी पहुंचे थे। ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों ने लगातार मैचों में जहां बेहतर प्रदर्शन किया है, वहीं भारतीय खिलाड़ी अपनी लय तलाशने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। हालांकि भारत ने पहले मैच में 308 रन और दूसरे मैच में 338 रन बनाए, लेकिन लक्ष्य बहुत बड़ा होने के कारण टीम इंडिया को हार का सामना करना पड़ा। 

इन पराजयों से विराट की कप्तानी आलोचना के घेरे में आ चुकी है और पूर्व सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर ने विराट के दूसरे वनडे में नयी गेंद से जसप्रीत बुमराह से मात्र दो ओवर में कराने के फैसले की कड़ी आलोचना करते हुए कहा है कि उनकी ऐसी कप्तानी समझ से परे है। गंभीर पहले ही टी-20 कप्तानी से हटाने और रोहित शर्मा को टी-20 कप्तान बनाने की मांग उठा चुके हैं और यदि अब भारत को क्लीन स्वीप का सामना करना पड़ सकता है तो विराट को वनडे कप्तानी से भी हटाने की मांग तेज हो जाएगी। भारत ने इस साल के शुरु में न्यूजीलैंड दौरे में तीन मैचों की सीरीज में 0-3 की क्लीन स्वीप झेली थी और उस सीरीज में भी उसके शीर्ष तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह का प्रदर्शन निराशाजनक रहा था। मौजूदा समय में दुनिया के सर्वश्रेष्ठ तेज गेंदबाजों में शुमार बुमराह को टीम इंडिया की वापसी कराने के लिए तीसरे मैच में बेहतर प्रदर्शन कर दिखाना होगा। 

आखिरी मुकाबले में विराट अंतिम एकादश में कुछ परिवर्तन करने का जोखिम उठा सकते हैं। मौजूदा समय में जो भी वनडे सीरीज खेली जा रही है वह सभी 2023 के भारत के मेजबानी में होने वाले आईसीसी वनडे विश्वकप सुपर लीग का हिस्सा हैं जिसमें हर मैच में जीत हासिल करने पर 10 अंक मिलते हैं। मेजबान होने के कारण भारत का विश्वकप में स्थान सुरक्षित है इसलिए वह आखिरी मैच में उन खिलाड़ियों को आजमा सकता है जो अबतक सीरीज में नहीं खेले हैं। 17 दिसंबर से होने वाली चार टेस्टों की महत्वपूर्ण टेस्ट सीरीज को देखते हुए टीम प्रबंधन अपने दो प्रमुख तेज गेंदबाजों बुमराह और मोहम्मद शमी को आखिरी वनडे से विश्राम देकर उनकी जगह शार्दुल ठाकुर और बाएं हाथ के तेज गेंदबाज टी नटराजन को आजमा सकता है। 

इसी तरह स्पिन विभाग में लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल की जगह चाइनामैन गेंदबाज कुलदीप यादव को भी आजमाया जा सकता है। बल्लेबाजी में भी एक-दो परिवर्तन किए जा सकते हैं। सलामी बल्लेबाज मयंक अग्रवाल को एकादश से बाहर कर उनकी जगह मनीष पांडे को लाया जा सकता है। इस सूरत में लोकेश राहुल ओपनिंग में जा सकते हैं और मनीष पांडे मध्यक्रम की भूमिका निभा सकते हैं। मयंक ने पहले दो मैचों में अच्छी शुरुआत के बाद अपने विकेट गंवाए हैं। राहुल ने आईपीएल-13 में किंग्स इलेवन पंजाब की तरफ से पूरे टूर्नामेंट में ओपनिंग की थी और वह टूर्नामेंट के शीर्ष स्कोरर रहे थे। इस सीरीज के बाद भारत को तीन मैचों की टी-20 सीरीज खेलनी है जहां राहुल शिखर धवन के साथ ओपनिंग की जिम्मेदारी संभालेंगे। इसे देखते हुए भारतीय टीम प्रबंधन राहुल को ओपनिंग में आजमा सकता है। वैसे टीम में दूसरे विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन भी मौजूद हैं जो शीर्ष क्रम के बल्लेबाज हैं और यदि उन्हें टीम में शामिल किया जाता है तो वह ओपनिंग में मयंक अग्रवाल की जगह संभाल सकते हैं।

 यह देखना दिलचस्प होगा कि भारतीय टीम प्रबंधन तीसरे मुकाबले के लिए अंतिम एकादश में क्या परिवर्तन करता है।  दूसरी तरफ ऑस्ट्रेलियाई टीम की निगाहें भारत के खिलाफ क्लीन स्वीप दर्ज करने पर लगी होंगी। ऑस्ट्रेलियाई टीम ने पहले दो मैचों में हर विभाग में भारतीय टीम के मुकाबले ज्यादा बेहतर प्रदर्शन किया है। हालांकि तीसरे मैच में ऑस्ट्रेलिया के पास सलामी बल्लेबाज डेविड वार्नर मौजूद नहीं होंगे। वार्नर कमर की चोट के कारण सीमित ओवरों की सीरीज से बाहर हो चुके हैं और उनकी जगह टीम में डी आर्सी शॉर्ट को टी-20 सीरीज के लिए शामिल किया गया है। ऑस्ट्रेलिया ने टेस्ट सीरीज को ध्यान में रखते हुए अपनी शीर्ष तेज गेंदबाज पैट कमिंस को सीमित ओवरों की सीरीज से आराम दिया है। ऑस्ट्रेलिया विश्वकप सुपर लीग में 40 अंकों के साथ शीर्ष पर पहुंच चुका है और वह तीसरे मैच को भी जीतकर शीर्ष स्थान पर अपनी स्थिति मजबूत करना चाहेगा। ऑस्ट्रेलिया के शीर्ष बल्लेबाज स्टीवन स्मिथ जबरदस्त फॉर्म में हैं और लगातार दो शतक बना चुके हैं। ऑस्ट्रेलिया को रोकने के लिए भारत को पहले स्मिथ को रोकना होगा। भारत ने कैनबरा के मानुका ओवल मैदान में दो मुकाबले खेले हैं और दोनों में ही उसे पराजय मिली है। वर्ष 2008 में त्रिकोणीय सीरीज के मुकाबले में भारत को श्रीलंका ने आठ विकेट से हराया था जबकि 2016 में ऑस्ट्रेलिया ने टीम इंडिया को 25 रन से पराजित किया था।

 भारतीय टीम को कैनबरा में अपना रिकॉर्ड बेहतर करना होगा तभी वह सीरीज का परिणाम 1-2 कर पाएगा। कैनबरा में 2016 के पिछले मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने ओपनर आरोन ङ्क्षफच के 107 रनों की मदद से 348 रन बनाए थे जबकि भारतीय टीम विराट कोहली के 106 रनों के बावजूद 323 रन ही बना पायी थी। चार दिसंबर से होने वाली तीन मैचों की टी-20 सीरीज से पहले भारत को वनडे सीरीज का सुखद समापन करना होगा।