त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री व वरिष्ठ माकपा नेता माणिक सरकार ने कहा कि अगर पश्चिम बंगाल की ममता सरकार को हटाने को अगर भाजपा को यहां की कमान सौंपी गई तो यह राज्य के लिए आत्मघाती होगा।


बता दें कि त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री माणिक सरकार को त्रिपुरा विधानसभा में भाजपा से करारी हार का सामना करना पड़ा था। इस राज्य में भाजपा ने 25 साल से सत्ता पर काबिज वामपंथी सरकार के किले को ढाह दिया था।


उन्होंने कहा कि राज्य के मतदाताओं को इस मसले पर चिंतन-मनन की जरूरत है। मथुरापुर में निखिल बंग प्राथमिक शिक्षक संघ के 46वें राज्य सम्मेलन में बतौर अतिथि शिरकत किए त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री ने इस दौरान केंद्र की मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा।


उन्होंने कहा कि राज्य के लोग तृणमूल की अराजक नीतियों से मुक्ति को अगर भाजपा को विकल्प के रूप में देख रहे हैं तो यह राज्य के लिए आत्मघाती साबित होगा। ऐसे में उन्होंने राज्यवासियों से चिंतन-मनन की गुहार लगाई। साथ ही त्रिपुरा का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि वाममोर्चा को सत्ता से बेदखल कर वहां के लोग आज पछता रहे हैं। भले ही भाजपा को बीते लोकसभा चुनाव में उम्मीद से अधिक सीटें मिली हो, लेकिन आगामी विधानसभा चुनाव में अगर भाजपा बंगाल की सत्ता में आती है तो यहां की स्थिति भी त्रिपुरा जैसी ही होगी। खैर, अभी भी वक्त है मतदाताओं को इनकी नीतियों और पुराने इतिहास पर गौर करना चाहिए।


इतना ही नहीं उन्होंने राज्य की ममता सरकार पर प्रहार करते हुए कहा कि वाम मोर्चा शासन के दौरान राज्य भय व भ्रष्टाचार मुक्त था, लेकिन इस सरकार ने यहां नफरत पैदा कर भाजपा को जमीन सौंप दी है।