वित्त वर्ष 2020-21 का इनकम टैक्स रिटर्न 30 सितंबर तक फाइल किया जा सकता है। अगर आप  इस तारीख तक इनकम टैक्स फाइल करते हैं तो आपको कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा। इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने से पहले यह जरूर पता कर लेना चाहिए कि आप किन खर्चों या निवेश पर टैक्स छूट का लाभ ले सकते हैं। आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि बच्चों पर किए गए निवेश पर भी टैक्स छूट का लाभ लिया जा सकता है।

दो बच्चों के लिए स्कूल/कॉलेज की ट्यूशन फीस पर सेक्शन 80C के तहत 1.5 लाख रुपए तक टैक्स बेनिफिट लिया जा सकता है। आपके दो से अधिक बच्चे हैं, तो आप किसी भी दो बच्चे के लिए यह दावा कर सकते हैं।

हालांकि इसके साथ शर्त है कि यह दावा तभी किया जा सकता है जब भारत में स्थित विश्वविद्यालय, कॉलेज, स्कूल या अन्य शैक्षणिक संस्थान को फीस का भुगतान किया जाए। यह ध्यान रखें कि टैक्स में राहत केवल फुल टाइम एजुकेशन के लिए ही मिलती है।  टैक्स राहत के दायरे में निजी ट्यूशन, कोचिंग क्लास या कोई पार्ट टाइम कोर्स नहीं आता।

बच्चों के लिए लिए गए एजुकेशन लोन पर आप सेक्शन 80E के तहत टैक्स डिडक्शन को क्लेम कर सकते हैं। अपने बच्चों के लिए हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम का भुगतान करने पर सेक्शन 80D के तहत 25 हजार रुपए तक का डिडक्शन लिया जा सकता है।

टर्म लाइफ इंश्योरेंस प्लान के लिए प्रीमियम देने पर इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80C के तहत टैक्स छूट का लाभ मिलता है। हर साल नया प्लान लेने की जरूरत नहीं है। एक पॉलिसी में सालाना रिन्यूअल प्रीमियम भी सेक्शन 80C के तहत कर छूट दिला सकता है।

सेक्शन 80DDB के तहत अपने किसी आश्रित की गंभीर और लंबी बीमारी के इलाज में खर्च की गई रकम पर इनकम टैक्स कटौती मिलती है। आयकरदाता अपने माता-पिता, बच्चे, आश्रित भाई-बहनों और पत्नी के इलाज में खर्च की गई रकम की कटौती के लिए दावा कर सकता है। बच्चे के लिए यह कटौती 40 हजार रुपए होती है। इसके लिए मेडिकल सर्टिफिकेट जरूरी है।