नेपाल एवं चीन सीमा से सटे उत्तराखंड के मुनस्यारी और धारचूला के दूरस्थ गांवों में कोरोना महामारी की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए ग्राम स्तर पर पहल शुरु हुई है। इस पहल में ग्रामीण खुद आगे आकर योगदान दे रहे हैं और प्रशासन को सहयोग कर रहे हैं। जिलाधिकारी आनंद स्वरुप की निगरानी ने इस मुहिम को चलाया गया है और ग्राम स्तर पर बनी कोविड नियंत्रण समिति को मजबूत किया गया है। जिला पंचायत सदस्य जगत मर्तोलिया ने बताया कि आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता इस मुहिम की रीढ़ बनकर उभरी हैं। वे मुनस्यारी के गांव -गांव में जाकर मरीजों की जानकारी जुटा रही हैं। 

इस मुहिम में ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य, वन पंचायत सरपंच, वार्ड सदस्य, महिला एवं युवक मंगल दल के अध्यक्ष, नेहरु युवा केन्द्र के स्वंय सेवक भी अपने -अपने गांवों में एकजुट होकर महामारी से लडऩे के लिए रणनीति बना रहे हैं। मर्तोलिया ने बताया कि सबसे पहले ग्राम प्रधान हर दिन गाँव में कोरोना की समीक्षा कर आवश्यक कदम उठाते हैं। उन्होंने बताया कि सोमवार को सुरिंग की ग्राम प्रधान ललिता मर्तोलिया ने सबसे पहले ग्राम स्तरीय कोविड नियंत्रण समिति की बैठक कर समीक्षा की। सरमोली में ग्राम प्रधान नरेन्द्र राम ने आशा कार्यकर्ता के साथ होम आइसोलेशन में रह रहे लोगों की खोज खबऱ ली और दवा वितरित की। 

दरकोट की ग्राम प्रधान सावित्री पांगती ने बताया कि उनके गांव में एक व्यक्ति की अस्पताल में मौत हो गई थी। अंतिम संस्कार से पहले कोविड की पुष्टि होने पर इससे जुड़े 20 परिवारों को होम आइसोलेशन पर रखा गया है। पापड़ी की आशा हिमती देवी ने आज गांव के सभी कोरोना संदिग्धों को घर घर जाकर दवा दी। कवाधार की आशा अनिता देवी ने आठ, सेरा सुराईधार की जानकी देवी ने सात बूंगा की शांति देवी ने आठ तथा तल्ला बूंगा में आंगनबाडी कार्यकर्ता कौश्लया बृजवाल, आशा कार्यकर्ता शांति बृजवाल ने संदिग्ध मरीजों का हाल जाना। यही नहीं रांथी की आशा सती ने अपने क्षेत्र के पांच संदिग्ध मरीजों को दवा दी। इस मुहिम के तहत जिला पंचायतराज अधिकारी हरीश चन्द्र आर्या ऐंचोली, सेराघाट तथा चौकोड़ी चैक पोस्ट से आने वाले लोगों की पूरी जानकारी जुटाने जा रही है और उन्हें आइसोलेशन में रखने की तैयारी की जा रही है। 

जिला पंचायत सदस्य ने बताया कि कोविड महामारी की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए पहले केवल सरकारी तंत्र ही पहल करता था, लेकिन अब ग्रामीण प्रशासन के साथ कंधा मिलाकर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को इस पहल को स्वास्थ्य विभाग का सहयोग मिल रहा है। कोविड नियंत्रण के लिए बने सोशल मीडिया समूह से दूरस्थ गाँवों की पूरी फीडबैक हर पल मिल रही है और प्रशासन उसी हिसाब से हर मुमकिन मदद उपलब्ध करा रहा है। कोरोना जैसी महामारी में ग्रामीणों की पहल अवश्य नया रंग लायेगी।