भाजपा नेता तथा असम के वित्त मंत्री डाॅ. हिमंत विश्व शर्मा के ताजा बयान के बाद सहयोगी दल असम गण परिषद और भाजपा के बीच शुरू नाराजगी को भुनाने की पूरी कोशिश में कांग्रेस जुट गई है। पंचायत चुनाव के प्रचार सभाओं में कांग्रेसी नेता अपने भाषणों में अगप-भाजपा दोनों को निशाने पर लेने से चूक नहीं रहे हैं।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रिपुन बोरा ने रोहा की एक चुनावी सभा को संबोधित करने के दौरान इन दोनों दलों को निशाने पर लिया और कहा कि सहयोगी दलों को जनता से वोट मांगने का हक नहीं है। क्योंकि अगप-भाजपा सत्ता विकेंद्रीकरण के खिलाफ हैं।

अगप-भाजपा के बीच शुरू ताजा बयानयुद्ध को नाटक करार देते हुए बोरा ने कहा कि राज्यवासी इसे अच्छी तरह से समझते हैं। ढाई साल सरकार के शासन में अगप-भाजपा की नाटकबाजी से राज्यवासी उब चुके हैं। परिवर्तन का झांसा देकर जनता को बारी-बारी से छलना आसान नहीं होगा। उन्होंने एेसी स्थिति में ग्रामीण इलाकों को सही विकास के लिए एकमात्र कांग्रेस को ही सही विकल्प होने का दावा किया।

उधर विधायक अब्दुल खालेक ने भी अगप-भाजपा के ताजा बयानयुद्ध को नाटक करार देते हुए कहा कि यह महज चुनावी वैतरणी पार करने की साजिश का हिस्सा है। उन्होंने कहा-'अगप दो-मुंहा सांप है। अगप पर भरोसा नहीं किया जा सकता है। इतनी जिल्लत के बाद भी अगप, भाजपा का साथ नहीं छोड़ रही है। और भाजपा की भी हिम्मत नहीं है कि वह अगप को मित्रता से बाहर का रास्ता दिखा दे।

दरअसल दोनों पार्टी नाटक कर रही है। उधर, हेलिकाॅप्टर से राज्यभर में पंचायत चुनाव के  प्रचार सभाओं में कांग्रेस का मुखौटा उड़ा रहे वित्त वित्त मंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने मंगलवार को नलबाड़ी में कहा कि कांग्रेस अब पुरानी नोट की तरह बेकार हो गई है।

भाजपा को डुबोने के लिए कांग्रेस अब उल्फा का स्वागत करने पर लगी हुई है। यह पार्टी इतनी गिरी हुई है की अब खुद का वजूद बनाए रखने के लिए वह एआईयूडीएफ प्रमुख मौलाना बद्दरूद्दीन अजमल को ही असम का मुख्यमंत्री बनाने की साजिश में शामिल हो गया है। हिमंत ने इस दौरान कहा कि हिंदुस्तान रहेगा तो ही असम में मुसलमान और क्रिश्चियन शांति से रह सकेंगे।