उत्तर प्रदेश के बरेली जनपद में मास्क न पहनने पर पुलिस द्वारा एक युवक को थर्ड डिग्री देने और हाथ-पैर में कील ठोकने के मामले में नया मोड़ आ गया है।  छानबीन के दौरान पूछताछ में युवक ने कबूला है कि मुकदमे से बचने के लिए उसने खुद ही अपने शरीर में कील ठोक ली थी।

 बरेली पुलिस ने अब एक वीडियो जारी किया है, जिसमें युवक यह बात कबूल कर रहा है कि उसने दोस्तों के साथ मिलकर एक बंद कारखाने में खुद को कील ठोक कर घायल कर लिया।  हालांकि, उसने अपने दोस्तों का नाम नहीं बताया। 

दरअसल, बारादरी के जोगी नवादा की रहने वाली शीला देवी बुधवार को बेटे रंजीत को साथ लेकर एसएसपी ऑफिस पहुंचीं. उन्होंने लिखित तहरीर देते हुए पुलिसकर्मियों पर अपने बेटे को हिरासत में प्रताड़ित करने और शरीर में कील ठोकने की शिकायत की थी।  इसके बाद एसएसपी ऑफिस में हड़कंप मच गया था।  मां शीला के मुताबिक 24 मई की रात लगभग 10 बजे उनका बेटा रंजीत घर के बाहर घूम रहा था।  उसने मास्क नहीं लगाया था, तभी तीन पुलिसकर्मियों ने उसे रोका।  उनके बीच कहासुनी हो गई।  रंजीत के मुंह पर मास्क नहीं लगा हुआ था।  आरोप है कि इसके कारण जोगी नवादा पुलिस उसे चौकी ले गई।  जानकारी होने पर शीला पुलिस चौकी पहुंचीं, लेकिन किसी ने कुछ नहीं बताया।  दो दिन तक वह बेटे को ढूंढती रही, लेकिन उसका कुछ पता नहीं लगा। बुधवार को उसका बेटा रंजीत सड़क किनारे घायल हालत में मिला।  उसके दोनों हाथ और पैरों में कीलें ठुकी हुईं थीं।  शीला बेटे को लेकर एसएसपी रोहित सिंह सजवाण के ऑफिस पहुंची थीं। 

घटना के बाद एसएसपी रोहित सिंह सजवाण ने बताया कि रंजीत के खिलाफ 2019 में मूर्ति तोड़ने का मुकदमा दर्ज है।  बगैर मास्क पकड़ने पर दो दिन पहले उसके खिलाफ बारादरी थाने में एक और मुकदमा दर्ज किया गया।  पुलिस ने मंगलवार को गिरफ्तारी के लिए दबिश दी थी।  गिरफ्तारी से बचने के लिये युवक ने कीलें ठोकने का षड्यंत्र रचा।  उन्‍होंने पुलिस पर लगाए गए आरोपों को गलत बताया है।