काला हीरा यानी कोयला कारोबार भी उसी तरह ही काला है। मेघालय में तमाम प्रयासों के बावजूद कोयला खनन का अवैध कार्य रूकने का नाम नहीं ले रहा है। राज्य की विपक्षी पार्टी कांग्रेस और कई गैर सरकारी संगठनों ने आरोप लगाए हैं कि इस मामले में प्रदेश की सरकार कारवाई करने में नाकाम रही है।

 

उनका कहना है कि जयंतिया हिल्स में कोयले का अवैध खनन बे रोक-टोक जारी है।नेशनल पीपुल्स पार्टी(एनपीपी) की अगुवाई वाली मेघालय डेमोक्रेटिक एलायंस(एमडीए) सरकार इसके खिलाफ कारवाई करने के बजाय यह मानने को तैयार नहीं है कि अब भी अवैध रूप से खनन जारी है। ईस्ट जयंतिया हिल्स में पानी से भरे खदान में जब 13 खनिक के फंसे होने का घटना सामने आई तो मुख्यमंत्री कोनराड के संगमा को भी मानना पड़ा की अवैध तरीके से कोयला खनन हो रहा है।

एनजीटी द्वारा नियुक्त न्यायिक पैनल ने कोयले के खदान में हुई घटना के बारे में राज्य सरकार से एक रिपोर्ट मांगी है। एनजीटी समिति के प्रमुख सेवानिवृत न्यायाधीश बीपी कटकी ने मीडिया में आ रही रिपोर्टो के आधार पर घटना से जुड़े सभी पहलुओं पर जिला उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक से एक रिपोर्ट तैयार कर सौंपने को कहा है। उन्होंने इस घटना को दुखद बताते हुए अवैध कोयला खनन की बात दोहराई। वे इस मामले की जानकारी एनजीटी को देंगे।