भारतीय जनता पार्टी ( भाजपा) के अध्यक्ष अमित शाह ने मणिपुर एवं गोवा में कांग्रेस को सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद सरकार नहीं बनाने देने के आरोप खारिज करते हुए कहा कि इन दोनों राज्यों में सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद कांग्रेस ने सरकार बनाने का कोई दावा ही नहीं किया था । 

श्री शाह ने यहां  पार्टी मुख्यालय में कहा कि मणिपुर और गोवा में चुनावों के बाद सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद कांग्रेस ने राज्यपाल के समक्ष सरकार बनाने का कोई दावा ही नहीं किया था जिससे राज्यपाल  को दूसरी सबसे बड़ी पार्टी से पूछना पड़ा। इस पर भाजपा ने सरकार  बनाई और सहयोगियों के साथ मिल कर बहुमत साबित किया । 

उन्होंने कहा कि ऐसा  कभी नहीं हुआ कि सबसे बड़ी पार्टी के दावे को  नकार कर भाजपा को बुलाया गया हो । भाजपा अध्यक्ष ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कर्नाटक विधानसभा चुनाव में भी जनादेश पूरी तरह से कांग्रेस विरोधी था लेकिन उसने वहां सरकार बनाने के लिए जनता दल (एस) के साथ अपवित्र गठबंधन किया हें। 

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने यहां पार्टी मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि चुनाव में जनता ने कांग्रेस को नकार दिया और उसकी सीटें 122 से घटकर 78 पर सिमट गई । उसके मुख्यमंत्री सिद्दारामैया एक सीट पर हार गए और एक सीट पर बहुत ही कम मतों से  जीत पाए । इसके अलावा उनके आधे मंत्री भी हार गए । दूसरी और भाजपा की सीट 40 से बढ़कर 104 हो गई और वह सीटों एवं वोटों की हिस्सेदारी के हिसाब से सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है । 

भाजपा के सरकार बनाने का दावा करने पर उठे सवालों पर उन्होंने कहा कि जब किसी भी पार्टी को पूर्ण बहुमत नहीं था तो क्या वहां फिर से चुनाव कराया जाता । भाजपा ने कांग्रेस विरोधी जनादेश को समझ कर सबसे पार्टी होने के नाते सरकार बनाने का दावा किया और यदि ऐसा नहीं करती तो यह जनादेश के खिलाफ होता । उन्होंने कहा कि सरकार बनाना कतई अनुचित नहीं था । 

उन्होंने कहा कि हमने सरकार बनाई और बिधानसभा के पटल पर अपनी बात उजागर करने के बाद इस्तीफा दे दिया । श्री शाह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और जनता दल (एस)  ने अपने विधायकों को होटल में बंधक बनाकर रखा । उन्हें जनता से मिलने तक नहीं दिया । उन्हें जनता से मिलने दिया जाता तो विश्वास मत का परिणाम कुछ और होता । जनता  इन विधायकों को बता देती कि उन्हें कहां वोट डालना है। उन्होंने सवाल किया कि कांग्रेस किस बात वा जश्न मना रही है।