पणजी। गोवा में रविवार को सरकार गठन को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष सदानंद शेत तनवड़े (Sadanand Shet Tanwade) और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री दिगंबर कामत (Former Chief Minister Digambar Kamat) के बीच जुबानी जंग शुरू हो गयी। तनवड़े ने कहा कि कांग्रेस को पहले विपक्ष का नेता घोषित करना चाहिए और भाजपा की विधायक दल की बैठक की चिंता नहीं करनी चाहिए। तनवड़े ने ट्वीट किया, 'कांग्रेस को अपना विपक्षी नेता घोषित करना चाहिए और गोवा भाजपा के विधायक दल के नेता की चिंता नहीं करनी चाहिए। कल की प्रेस कॉन्फ्रेंस से पता चला कि गोवा कांग्रेस के पास कोई नेता नहीं बचा है। इसके अलावा श्री दिगंबर कामत को उन्हें दिए गए प्रेस नोट को पढऩे के लिए संघर्ष करते हुए देखना मजेदार था।'

यह भी पढ़ें- नागालैंड : राज्यसभा की अकेली सीट के लिए उम्मीदवार उतारेंगे बीजेपी और एनपीएफ

इसके जवाब में कामत ने ट्वीट किया, 'सदानंद शेत तनवड़े गोवा को एक सरकार की जरूरत है। जरूरतमंद लाभार्थियों को समय पर वित्तीय सहायता का इंतजार है। अगर गोवा भाजपा प्रदेश के मुख्यमंत्री के लिए डॉ प्रमोद सावंत, विश्वजीत राणे तथा मौविन गोडिन्हो पर निर्णय लेने में असमर्थ है, तो आत्मसमर्पण करें और दूसरों को गोवा में सरकार बनाने की अनुमति दें।' तनवड़े ने एक अन्य ट्वीट में दावा किया कि मारगांव, जिसका प्रतिनिधित्व कामत कर रहे हैं। 

वह पिछले 27 वर्षों से अविकसित है और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता को गोवा के लोगों को गुमराह न करने की सलाह दी। तनवड़े ने ट्वीट किया, 'मारगांव विधायक दिगांबर कामत को भगवान दामोदर के सामने शपथ लेनी चाहिए कि वह मारगांव की बेहतरी के लिए काम करेंगे और इसे 27 साल के अविकसितता से मुक्त करेंगे।' 

यह भी पढ़ें- ऑनलाइन ज़ूम लेक्चर के दौरान चल गई पोर्न फिल्म , फेसबुक और यूट्यूब पर भी लाइव स्ट्रीम किया जा रहा था

उल्लेखनीय है कि राज्य विधानसभा चुनाव में 20 सीटें जीतने और तीन विधायकों का समर्थन मिलने के 10 दिनों के बाद भी भाजपा अभी तक सरकार नहीं बना पाई है। जिसके वजह से वह कांग्रेस के निशाने पर हैं। भाजपा ने हालांकि, घोषणा की है कि वह विधायक दल के नेता के चुनाव के बाद सोमवार को सरकार बनाने का दावा पेश करेगी।