इस्लामाबाद। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने शनिवार को घोषणा की कि पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) मई के अंतिम सप्ताह में इस्लामाबाद की ओर सरकार विरोधी लंबा मार्च शुरू करेगा। खान ने एक वीडियो बयान में कहा, 'हम यह आह्वान सिर्फ पीटीआई समर्थकों को ही नहीं, बल्कि सभी पाकिस्तानियों को करेंगे, क्योंकि देश के सबसे भ्रष्ट लोगों को एक विदेशी शक्ति द्वारा हम पर थोपे जाने के बाद पाकिस्तान का अपमान किया गया है।'

यह भी पढ़े : IPL 2022 में मुंबई इंडियंस को मिली पहली जीत, ईशान किशन ने कहा- यह समय एक-दूसरे के साथ खड़े रहने का है

खान को 10 अप्रैल को सत्ता से बेदखल कर दिया गया था, जब नेशनल असेंबली ने उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान किया था। वह पाकिस्तान के पहले ऐसे प्रधानमंत्री हुए, जो इस तरह सत्ता से बाहर किए गए। खान ने बार-बार अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन करने के लिए अमेरिका को दोषी ठहराया था और नव-निर्वाचित पीएम शहबाज शरीफ को यह कहते हुए स्वीकार करने से इनकार कर दिया था कि 'इस देश का इससे बड़ा अपमान नहीं हो सकता'।

यह भी पढ़े : Monthly Horoscope May 2022: ग्रहों का उलटफरे इन राशिवालों को आर्थिक लाभ दिलाएगा, इन राशियों के लिए जोखिम भरा रहेगा ये महीना


हालांकि, अमेरिका में जो बाइडेन के नेतृत्व वाले प्रशासन ने खान के आरोपों को नकार दिया है। जियो न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, शनिवार को जारी अपने संदेश में खान ने कहा कि पीटीआई की कोर कमेटी ने फैसला किया है, क्योंकि 'केंद्रीय मंत्रिमंडल में 60 फीसदी लोग जमानत पर हैं।' खान ने कहा, 'जो व्यक्ति प्रधानमंत्री बन गया है, उसे अपराध मंत्री करार दिया जाता है। उसके (परिवार) पर एफआईए और एनएबी में 40 अरब रुपये के मामले लंबित हैं।' पीटीआई अध्यक्ष ने दोहराया कि ऐसे लोगों का सत्ता में रहना पाकिस्तान का 'अपमान' है।