पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने सप्ताहांत में अपने खिलाफ दर्ज एक मामले में गिरफ्तारी में बचने को लेकर इस्लामाबाद उच्च न्यायालय में अग्रिम जमानत याचिका दायर की है। एक रिपोर्ट के अनुसार खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के वकील फैसल चौधरी ने बताया कि कानूनी टीम याचिका दायर करेगी। अभी यह तय नहीं है कि खान को गिरफ्तार किया जाएगा या नजरबंद रखा जायेगा। इस को लेकर रणनीतिक तैयारी की जा रही है। यहां एफ-9 पार्क में एक रैली में इस्लामाबाद पुलिस के एक अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को धमकाने के लिए अपदस्थ प्रधानमंत्री के खिलाफ आतंकवाद विरोधी अधिनियम (एटीए) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। 

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गृह मंत्रालय ने मामला दर्ज होने के बाद खान को गिरफ्तार करने के लिए प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के कार्यालय से लिखित अनुमति मांगी है। सूत्रों के अनुसार गिरफ्तारी से बचने के लिए पीटीआई अध्यक्ष अपने बानी गाला स्थित आवास से निकले हैं और वह लाहौर या खैबर पख्तूनख्वा के लिए रवाना हुए हैं। पीटीआई नेता फैसल वावड़ा ने हालांकि बताया कि खान अभी भी अपने बनी गाला आवास में हैं। सत्तारूढ़ गठबंधन में सभी दलों की सहमति बनने के बाद ही खान की गिरफ्तारी की जाएगी। पीपीपी नेता और पूर्व अध्यक्ष आसिफ अली जरदारी ने खान की गिरफ्तारी का विरोध किया है। उनका मानना है कि गिरफ्तारी से सत्तारूढ़ गठबंधन को राजनीतिक नुकसान होगा। 

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दूसरी ओर, पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट (पीडीएम) के अध्यक्ष मौलाना फजलुर रहमान ने पीटीआई नेता की गिरफ्तारी को लेकर कोई टिप्पणी नहीं की हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि खान के बानी गाला आवास के बाहर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और उनके आवास की ओर जाने वाले रास्ते को भी बंद कर दिया गया है। रिपोर्ट के अनुसार खान गिरफ्तारी या नजरबंदी से बचाने के लिए बातचीत चल रही हैं। सूत्रों ने बताया कि अधिकारियों के पास कानून-प्रवर्तन एजेंसियों की मदद से स्थिति को संभालने के लिए कई योजनाएं हैं, लेकिन उसको लेकर हरी झंडी का इंतजार कर रहे है। सूत्रों ने कहा, इमरान खान राहत पाने के लिए उच्च न्यायपालिका से सुविधा चाहते हैं, लेकिन इससे पहले उन्हें पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण करना होगा। उल्लेखनीय है कि इस्लामाबाद के मारगल्ला पुलिस थाने में शनिवार रात एटीए की धारा सात के तहत मजिस्ट्रेट अली जावेद की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज की गई।