पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने गुरुवार को उनके खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव वापस लिए जाने पर नेशनल असंबली भंग करने की पेशकश की। सूत्रों के अनुसार एक खास शख्सियत ने नेशनल असेंबली में विपक्ष के नेता शाहबाज शरीफ को इस पेशकश का संदेश दिया। अविश्वास प्रस्ताव से पहले चर्चा के लिए नेशनल असेंबली के सत्र से पहले विपक्ष की बैठक के दौरान यह महत्वपूर्ण खुलासा हुआ। 

ये भी पढ़ेंः आरक्षण को लेकर आखिरकार सुप्रीम कोर्ट का आ ही गया बड़ा फैसला, इस जाति को लगा तगड़ा झटका


सूत्रों ने कहा, प्रधानमंत्री को एक सुरक्षित रास्ता निकालने को कहा गया है। खान ने कहा कि यदि विपक्ष उनके सुझाव से सहमत नहीं है तो वह किसी भी स्थिति का सामना करने को तैयार हैं। विपक्ष ने गुरुवार को बैठक के दौरान इस संदेश की समीक्षा की। सूत्रों ने हालांकि कहा कि अधिकतर विपक्षी नेताओं ने  खान पर भरोसा नहीं करने की सिफारिश की और प्रस्ताव पर जल्द से जल्द मतदान कराने के लिए नेशनल असेंबली अध्यक्ष से संपर्क करने का सुझाव दिया है। सूत्रों ने विपक्षी नेताओं के हवाले से कहा,  हमारे पास संख्या बल है। अगर प्रस्ताव पर प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरी हो जाती है तो हमें ही फायदा होगा। 

ये भी पढ़ेंः ऐसा क्या हुआ जो अरविंद केजरीवाल को कहना पड़ा, 'देश के लिए दे सकता हूं अपनी जान'


वहीं कहा जा रहा है कि अगर इमरान खान और विपक्ष में समझौता हो जाता है तो देश में अगस्त महीने में चुनाव करवाए जा सकते हैं। बता दें कि सूचना मंत्री फवाद चौधरी के बुधवार को सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा और प्रधानमंत्री खान के बीच बैठक की पुष्टि के एक दिन बाद जानकारी सामने आई है। वहीं पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी ने गुरुवार को कहा कि चुने गए प्रधानमंत्री को बिना किसी देरी के इस्तीफा दे देना चाहिए क्योंकि उन्होंने संसद में बहुमत खो दिया है। विपक्षी पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज के महासचिव अहसान इकबाल ने कहा कि उनकी पार्टी तत्काल नए सिरे से चुनाव चाहती है।