पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की मुश्किलें अब बढ़ने वाली हैं। खबर है कि कभी भी इमरान खान की गिरफ्तारी हो सकती है। पीएम शहबाज शरीफ के खिलाफ नारेबाजी के मामले में इमरान खान समेत 150 लोगों के खिलाफ केस दर्ज हुआ था। सत्ताधारी पार्टी पीएमएल-एन के समर्थकों का कहना है कि मदीना में जो कुछ हुआ, वो इमरान खान की पार्टी के इशारे पर हुआ है।

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पाकिस्तान के गृह मंत्री राणा सनाउल्लाह की तरफ से कहा गया है कि पूर्व पीएम इमरान खान को मदीना में नारेबाजी केस में गिरफ्तार किया जाएगा। बता दें कि इसी सप्ताह सऊदी के मदीना में प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और उनके प्रतिनिधिमंडल के खिलाफ चोर-चोर के नारे लगाए गए थे। आरोप है कि पूर्व पीएम इमरान खान के इशारे पर ये नारेबाजी की गई है।

यह केस शनिवार रात को पाकिस्तान के फैसलाबाद में दर्ज कराया गया था। इसमें पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के अध्यक्ष और पूर्व पीएम इमरान खान, उनकी सरकार में मंत्री रहे फवाद चौधरी और पूर्व पीएम शाहबाज गुल के पूर्व सलाहकार शेख रशीद, नेशनल असेंबली के पूर्व डिप्टी स्पीकर कासिम सूरी, लंदन में इमरान खान के करीबी सहयोगी अनिल मुसरत और साहिबजादा जहांगीर समेत 150 अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है।

फैसलाबाद में रहने वाले नईम भट्टी ने कहा कि मदीना में नारेबाजी कर पैगंबर की मस्जिद को अपवित्र किया गया। गुंडागर्दी की गई और मुसलमानों की भावनाओं को आहत किया गया है। एफआईआर के मुताबिक मदीना में Masjid-e-Nabvi में पीएम शहबाज शरीफ और उनके प्रतिनिधिमंडल को निशाना बनाने के उद्देश्य से पूर्व पीएम इमरान खान के 100 से ज्यादा समर्थकों को पाकिस्तान और ब्रिटेन से सऊदी अरब भेजा गया था। खान और पीटीआई के अन्य नेताओं ने इस संबंध में पार्टी कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए हैं। फैसलाबाद पुलिस ने कहा था कि नामजद लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मामले में पुलिस ने पाकिस्तान दंड संहिता की धारा 295ए (जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण कृत्य अपने धर्म या धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना) समेत अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। 

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पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने एक इंटरव्यू में पीएम शरीफ के खिलाफ नारे लगाने वाले लोगों से खुद को दूर कर लिया था। इमरान ने कहा कि वो किसी को भी पवित्र स्थान पर नारे लगाने के लिए कहने की कल्पना भी नहीं कर सकते।