अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने 22-23 अप्रैल को आयोजित होने जा रहे वैश्विक जलवायु परिवर्तन सम्मेलन के लिए पाकिस्तान को न्योता नहीं दिया है। यह सम्मेलन 22-23 अप्रैल को ऑनलाइन आयोजित होगा। अमेरिका के इस कदम से पाकिस्तान बिलबिला गया है। बौखलाए पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने सोशल मीडिया पर अमेरिकी प्रशासन के खिलाफ अपनी नाराजगी जताई। साथ ही अपना दुखड़ा रोते हुए पाकिस्तान में पर्यावरण संरक्षण के लिए किए गए काम का ढिंढोरा भी पीटा है। इमरान खान ने कहा कि पाकिस्तानी आवाम इसे लेकर सवाल पूछ रही है, आवाम को क्या जवाब दूं?

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत विश्व के 40 नेताओं को जलवायु परिवर्तन से निपटने को लेकर आयोजित हो रहे शिखर सम्मेलन के लिए आमंत्रित किया है। इस शिखर सम्मेलन का मकसद जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए ठोस कदम उठाने के आर्थिक लाभ एवं महत्व को रेखांकित करना है। इस सम्मेलन के लिए अभी तक पाकिस्तान को न्योता नहीं दिया गया है। संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन (सीओपी26) से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडन के विशेष दूत जॉन कैरी इस मुद्दे पर चर्चा के लिए 1 से 9 अप्रैल के बीच भारत, बांग्लादेश और यूएई की यात्रा करेंगे। इस यात्रा में भी अमेरिका ने पाकिस्तान को भाव नहीं दिया है। 

इमरान खान ने अपना दुखड़ा रोते हुए कहा, ''मैं पाकिस्तान में जलवायु परिवर्तन पर शिखर सम्मेलन में निमंत्रण न दिए जाने को लेकर उठ रही आवाजों से परेशान हूं। मेरी सरकार की पर्यावरण नीति हमारी भावी पीढ़ियों के प्रति हमारी प्रतिबद्धता से संचालित हैं। हम जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को कम करने के लिए और स्वच्छ और हरे पाकिस्तान बनाने के प्रयासों में लगे हुए हैं।''