भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा। शाह ने कहा कि कांग्रेस ने देश को धर्म को आधार पर बांटा। शाह ने यहां भाजपा की ओर से आयोजित सीएए जागरूकता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि सीएए में देश में रहने वाले मुस्लिमों की नागरिकता छीनने का कोई प्रावधान नहीं है। विपक्ष लोगों को गुमराह कर रहा है। शाह ने सीएए के विरोध के नाम पर हो रहे हंगामे के लिए विपक्ष को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि वे सिर्फ वोट बैंक की राजनीति के कारण सीएए को लेकर परेशान है।

राहुल को सीएए पर बहस की चुनौती दी
शाह ने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को सीएए पर बहस की चुनौती भी दी। शाह ने कहा कि राहुल और पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान एक जैसी भाषा बोलते हैं। दोनों चाहते हैं कि सीएए लागू हा। शाह ने तंज करते हुए कहा कि इमरान और कांग्रेस नेताओं के रिश्ते को समझ पाना मुश्किल है।


शाह ने कहा कि नरेंद्र मोदी ने दूसरी बार प्रधानमंत्री बनने के बाद 70 साल से लंबित समस्याओं को सुलझाया। शाह ने कहा कि हाल ही में संसद ने सीएए को मंजूरी दी जिसमें पड़ोसी देशों से आने वाले धार्मिक अल्पसंख्यकों को नागरिकता देने का प्रावधान किया गया है।


शाह ने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि 1950 में तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने पाकिस्तानी समकक्ष के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किया था, जिसका उद्देश्य दोनों देशों में धार्मिक अल्पसंख्यकों के हितों की रक्षा करना और उन्हें मुख्य धारा में बनाए रखना था। अब 70 साल बाद देश ने इस वादे को पूरा किया है।


पाकिस्तान में 30 प्रतिशत हिंदू थे अब 3 प्रतिशत रह गए

शाह ने कहा कि पाकिस्तान में 30 प्रतिशत हिंदू थे लेकिन आज पाकिस्तान और बांग्लादेश में क्रमश: 3 और 7 प्रतिशत हिंदू रह गए हैं। शाह ने कहा कि सीएए का विरोध करने वाले क्या बता सकते हैं कि ये धार्मिक अल्पसंख्यक कहां गए। शाह ने कहा कि पड़ोसी देशों में धार्मिक अल्पसंख्यकों को प्रताडऩा का सामना करना पड़ता और वे अपनी रक्षा के लिए भारत में शरण लेते हैं। मोदी सरकार ने इन लोगों की रक्षा के लिए नागरिकता कानून में संशोधन किया और उनका मूलभूत अधिकार दिया।

शाह ने कहा कि देश के पहले प्रधानमंत्री नेहरू, पहले गृह मंत्री सरदार पटेल और पहले राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद ने इन धार्मिक अल्पसंख्यकों को नागरिकता देने का वादा किया था। मौलाना अबुल कलाम आजाद और आचार्य जेबी कृपलानी ने भी ऐसा ही वादा किया था। शाह ने कहा कि ये सभी कांग्रेस के नेता थे लेकिन कांग्रेस की सरकारों ने इस वादे को पूरा नहीं किया।


कटील की जगह बोले कोहली
शाह पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद नलिन कुमार कटील की जगह पार्टी के ही दिल्ली के नेता नलिन कोहली का नाम बोल गए।


दौरे से पहले विरोध प्रदर्शन
शाह के हुब्बल्ली दौरे से पहले कुछ संगठनों ने विरोध प्रदर्शन भी किए। पुलिस ने काले गुब्बारे छोडऩे की कोशिश कर रहे कुछ लोगों को हिरासत में ले लिया। आयोजन स्थल पर काले कपड़े पहन कर आईकईमहिलाओं को सभास्थल में प्रवेश नहीं करने दिया गया और पुलिस उन्हें अपने साथ ले गई।