नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि हाल में ही जापान की यात्रा में उन्होंने वहां के लोगों में भारत के प्रति जो प्रेम देखा है उससे वह बहुत प्रभावित है। मोदी ने आकाशवाणी से प्रसारित अपने कार्यक्रम में रविवार को कहा कि हाल में जापान यात्रा के दौरान विभिन्न कार्यक्रमों में उन्हें कई लोगों से मिलने का मौका मिला जहां उन्हें अलग अलग तरह का अनुभव हुआ है। इस दौरान उन्होंने कुछ लोगो में भारत के प्रति गजब का लगाव और प्रेम देखा है जिससे वह बहुत प्रभावित हैं। 

यह भी पढ़े : शनि जयंती 30 मई को, 141 दिन शनि चलेंगे उल्टी चाल, इन राशि वालों की बढ़ेंगी मुश्किलें

उन्होंने कहा, 'हिरोशि कोइके एक जाने-माने कला निर्देशक हैं, उन्होंने महभारत प्रोजेक्ट की शुरुआत कम्बोडिया में की थी और पिछले 09 सालों से ये निरंतर जारी है। हिरोशि कोइके हर साल, एशिया के किसी देश की यात्रा करते हैं और वहां स्थानीय कलाकार और संगीतज्ञ के साथ महाभारत के कुछ हिस्सों को प्रस्तुत करते हैं। इस प्रोजेक्ट के जरिए उन्होंने भारत, इंडोनेशिया कंबोडिया सहित नौ देशों में प्रस्तुति दी हैं और स्टेज पर प्रस्तुति दी है। हिरोशि उन कलाकारों को एक साथ लाते हैं, जिनका क्लासिकल और परंपरागत एशियाई कला की पृष्ठभूमि रही हो। इस वजह से उनके काम में विविध रंग देखने को मिलते हैं।' 

उन्होंने कहा कि इंडोनेशिया थाईलैंड, मलेशिया और जापान के कलाकार जावा नृत्य, बाली नृत्य, थाई नृत्य के जरिए इसे और आकर्षक बना देते हैं। खास बात ये है कि इसमें प्रत्येक प्रस्तोता अपनी ही मातृ-भाषा में बोलता है और फिर बहुत ही खूबसूरती से इस विविधता को प्रदर्शित किया जाता है। प्रधनमंत्री ने कहा कि इसी तरह से वह जापान के आत्सुशि मात्सुओ और केन्जी योशी से भी बहुत प्रभावित हुए। ये दोनों ही टीम प्रोडक्शन कंपनी से जुड़े हैं। 

यह भी पढ़े : शनि जयंती 30 मई को, 141 दिन शनि चलेंगे उल्टी चाल, इन राशि वालों की बढ़ेंगी मुश्किलें

इस कंपनी का संबंध रामायण की उस जापानी एनीमेशन फिल्म से है जो 1993 में जारी हुई थी। यह प्रोजेक्ट जापान के बहुत ही मशहूर फिल्म निर्देशक युगो साको से जुड़ा हुआ था। करीब 40 साल पहले 1983 में उन्हें पहली बार रामायण के बारे में पता चला था। 'रामायण' उनके हृदय को छू गयी, जिसके बाद उन्होनें इस पर गहराई से काम किया। उन्होंने जापानी भाषा में रामायण के 10 संस्करण पढ़ डाले। उनकी भारतीय रीति रिवाज और परम्पराओं के प्रोजेक्ट पर जल्द ही काम पूरा होने वाला है।