भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने गुरुवार को घोषणा की कि दक्षिण-पश्चिम मानसून ने देश के दक्षिणी हिस्से केरल में दस्तक दे दी है। आईएमडी ने  ट्वीट किया, दक्षिण-पश्चिम मानसून ने आज तीन जून को केरल के दक्षिणी भागों में दस्तक दे दी है। 

विभाग ने बताया कि सामान्य तौर पर केरल में एक जून को मानसून दस्तक दे देता है। आईएमडी के अनुमान के मुताबिक इस साल सामान्य मानसून है, जिसमें दीर्घावधि में औसतन 101 प्रतिशत बारिश होगी। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय, आईएमडी ने एक विज्ञप्ति में कहा कि मानसून की उत्तरी सीमा 10 डिग्री उत्तर अक्षांश / 60 डिग्री पूर्व देशांतर, 10 डिग्री उत्तर अक्षांश , 70 डिग्री पूर्वी देशांतर कोच्चि और पलयमकोट्टई से होकर गुजरेगी और 09 डिग्री उत्तर अक्षांश , 80 डिग्री पूर्वी देशांतर, 12 डिग्री उत्तर/85 डिग्री पूर्व, 14 डिग्री उत्तर/90 डिग्री पूर्व और 17 डिग्री उत्तर/94 डिग्री पूर्व है। 

विज्ञप्ति में कहा गया है कि अगले दो दिनों के दौरान दक्षिण पश्चिम मानसून का दक्षिण अरब सागर के शेष हिस्सों, मध्य अरब सागर के कुछ हिस्सों, केरल और लक्षद्वीप के शेष हिस्सों, तमिलनाडु और पुड्डुचेरी के कुछ और हिस्सों, तटीय और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक के कुछ हिस्सों, रायलसीमा और दक्षिण और मध्य बंगाल की खाड़ी के कुछ और हिस्से की और बढ़ने का अनुमान है। केरल में मानसून की शुरुआत की घोषणा के बाद बारिश के 14 निगरानी स्टेशनों में से 60 फीसदी स्टेशनों से अधिक ने पिछले दो दिनों में लगातार 2.5 मिमी या उससे अधिक बारिश होने के बारे में सूचित किया है। इसके साथ ही पिछले दो दिनों के दौरान केरल में कुछ स्थानों पर बारिश हुई है। इसके अलावा निचले स्तर पर पश्चिमी हवाएं 20 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चल रही है और उपग्रह ने जो आंकडे दिए हैं उनकी सूचना के आधार पर आज समुद्र तटों पर 15-20 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।

जून के मध्य तक जैसे-जैसे दक्षिण-पश्चिम मानसून आगे बढ़ेगा यह पूरे महाराष्ट्र, दक्षिण गुजरात, मध्य और दक्षिण मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्से, झारखंड और दक्षिण ओडिशा को कवर कर लेगा। इसके साथ ही उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में भी मॉनसून की बारिश होगी। जुलाई के मध्य तक यह पूरे देश में पहुंच जाता है। जून के आखिरी सप्ताह में यह मध्य गुजरात, मध्य व दक्षिणी राजस्थान, दिल्ली, यूपी, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर के निचले इलाकों व लद्दाख के दक्षिणी क्षेत्र को कवर कर लेगा। जुलाई के पहले सप्ताह में यह राजस्थान के उत्तर-पूर्वी इलाकों में दस्तक देगा।