देश की राजधानी दिल्ली समेत उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में सोमवार से भीषण गर्मी से राहत मिल सकती है। मौसम विभाग के मुताबिक दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, पूर्वी राजस्थान और उत्तर प्रदेश के कुछ भागों में बादल छाए रहेंगे। यहां के लोगों को लू और भीषण गरमी से थोड़ी राहत मिलेगी। 

यह भी पढ़ें : मिजोरम में कोरोना के 83 नए मामले सामने आए, पिछले 24 घंटों में नहीं हुई किसी की मौत

मौसम विभाग के मुताबिक 3 मई से मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और पश्चिमी राजस्थान में भी गरमी का कहर कम होगा। इन दिनों भारत में भीषण गर्मी पड़ रही है। उत्तर पश्चिम और मध्य भारत में इस अप्रैल 122  साल का रेकॉर्ड टूट गया। यहां औसत अधिकतम तापमान 35.9 डिग्री सेल्सियस और 37.78 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया।

उत्तर पश्चिम भारत में अप्रैल 2010 में औसत तापमान 35.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था। उससे पहले साल 1973 में 37.75 डिग्री दर्ज  हुआ था। वैज्ञानिकों ने जलवायु परिवर्तन को लेकर आगाह किया है। इस क्षेत्र में बढ़ते तापमना का असर एक अरब लोगों पर पड़ेगा।

यह भी पढ़ें : इंडियन आर्मी मणिपुर में स्थापित करेगी 'रेड शील्ड सेंटर', जानिए क्या होगा फायदा

बहुत सारे लोग लू को हीटवेव समझते हैं लेकिन ऐसा नहीं है। जब कई दिनों तक तापमान सामान्य से ज्यादा रहता है और आर्द्रता भी बढ़ जाती है तो इसे हीट वेव कहते हैं। मैदानी इलाकों में जब तापमान 40 डिग्री से ऊपर चला जाता है तो मौसम विभाग हीट वेव की घोषणा करता है। इस साल गर्मी बढ़ने का कारण मार्च के अंत में बनने वाला एंटी साइक्लोन बताया जा रहा है। यह एक महीने जल्दी बन गया है। इस वजह से रेगिस्तानी इलाकों से गर्म हावएँ आने लगी हैं। 

इसके अलावा इस बार सर्दी खत्म होने के बाद बारिश कम हुई है। इस वजह से हीटवेव बढ़ गई। इसी वजह से गर्म हवा कहर बरपा रही है।