जम्मू-कश्मीर में इस साल ईद-उल-अदहा का उत्सव फीका पड़ सकता है क्योंकि मौसम विभाग ने सोमवार से तीन दिनों तक घाटी में कई जगहों पर हल्की से भारी बारिश होने की चेतावनी जारी की है। घाटी में हालांकि मौसम में बदलाव आने से लोगों को गर्मी तथा आद्र्रता राहत मिलेगी। स्थानीय लोगों के साथ पर्यटक भी मौसम में बदलाव से खुश होंगे। 

घाटी में पिछले कुछ दिनों से अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है। देशभर में 21 जुलाई को ईद-उल-अदहा मनाई जाएगी। मौसम विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि उत्तरी अरब सागर से निचले और मध्यम स्तर की क्षोभमंडलीय हवाओं के रविवार से 21 जुलाई तक पूर्वी हवाओं (बंगाल की खाड़ी से) से टकराने से आसार हैं। मौसम विभाग ने कहा, इसके कारण सोमवार और 21 जुलाई के बीच कश्मीर में कई स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। 

मौसम विभाग के मुताबिक जम्मू और कश्मीर में इस दौरान अचानक बाढ़ का मध्यम से उच्च स्तर तक का जोखिम है। मौसम विभाग ने कहा, इसके कारण मुख्य रूप से श्रीनगर-जम्मू, श्रीनगर-लेह राष्ट्रीय राजमार्गों और मुगल रोड पर सोमवार से 21 जुलाई तक यातायात में भी अस्थायी व्यवधान उत्पन्न हो सकता है। मौसम विभाग ने कहा है कि इस दौरान मध्यम स्तर से भारी बारिश होने के कारण घाटी में संवेदनशील स्थानों पर भूस्खलन और पत्थर गिरने की घटनाएं तथा निचले इलाकों को जल-जमाव और मामूली बाढ़ आ सकती है। मौसम विभाग ने कहा, इस दौरान कृषि और बागवानी कार्यों को स्थगित करने की सलाह दी जाती है। इस बीच कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए गुलमर्ग, पहलगाम और सोनमर्ग के विश्व प्रसिद्ध पर्यटन रिसॉर्ट्स को सप्ताहांत के दौरान स्थानीय पिकनिक मनाने वालों के प्रवेश को निषेध करने को कहा गया है। 

इस फैसले से हालांकि स्थानीय लोग परेशान हैं क्योंकि वे गर्म और उमस भरे मौसम के कारण पर्यटन स्थलों का रुख कर रहे हैं। एजाज सलीम नामक स्थानीय निवासी ने कहा, यह विडंबना है कि इन पर्यटन स्थलों पर पिकनिक मनाने वालों को नहीं जाने दिया जा रहा है और घाटी के बाहर से आने वाले पर्यटकों को वहां जाने की अनुमति है। हम कहां जाएं, पर्यटक इन स्थानों पर हर दिन जा सकते हैं, लेकिन हम केवल सप्ताहांत पर ही जा सकते हैं क्योंकि हमें अपने कार्यालयों में ड्यूटी करना होता है। इसी तरह के विचार अपने परिवार के साथ सप्ताहांत पर इन पर्यटक रिसॉर्ट में जाने की चाह रखने वाले कई अन्य कश्मीरियों ने भी व्यक्त किए गए हैं।