बरपथार।  धनसिरी महकमा के असम-नगालैंड  सीमावर्ती वृहत्तर उरियामघाट अंचल गोलाघाट जिले का एक अन्यतम जनबहुल अंचल है। यहां विभिन्न जाति हैं  व धर्मावलंबी लोगों के बीच लगभग 95 फीसदी लोग किसान  है । 

सीमावर्ती पिछडे अंचल में अधिकांशा गांवों के कुछेक व्यक्ति आबकारी और पुलिस-प्रशासन के कथित निनिष्क्रियता के कास्थाकारण अवैध शराब के अडडो पर सुबह, दोपहर और संध्या के समय में शराबियों का जमावड़ा होता है। इसके चलते उक्त अंचल में आए दिन असामाजिक कार्यकलाप होते रहते है ।

अंचल के जागरूक लोगो ने शिकायत की है कि नामाआली, न्यू जोरदलंग, देराबस्ती, मुकलीपथार आदि  रामीयोन्द्ररी, काटनी, चारीधरिया, शांतिपुर, लखीपथार आदि अंचलों में धारावाहिक रूप से अवैध शराब के के चलते अंचल के शैक्षिक, सामाजिक परिवेश पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। 

स्मरणीय रहे कि विद्यालय, महाविद्यालय में अध्ययनरत अधिकांश युवक उक्त अवैध शराब के संपर्क में पड़ कर छिनतईं, चोरी, डकैती आदि विभिन्न असामाजिक कार्यों में लिप्त हो रहे है। दूसरी ओर राज्य के आबकारी विभाग केअधिकारी-कर्मचारी केवल अपने महीने के वेतन उठाने में मशगूल रहते है। 

साथ ही कई अधिकारी-कर्मचारियों की छत्रछत्या में कमिशन पर अवैध शराब के चलने के शिकायते मिली है। उरियामधाट में इन अवैध शराब के अइडों को अतिशीघ्र जल्द बंद करने के लिए आबकारी एवं पुलिस विभाग से मांग की है।