भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने रविवार को असम और दूसरे राज्यों में रह रहे अवैध प्रवासियों को लेकर कहा कि मोदी सरकार भारत को घुसपैठियों के लिये ‘‘सुरक्षित ठिकाना’’ नहीं बनने देगी। इसके साथ ही जोर देते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ने देश में अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्याओं की पहचान के प्रयास शुरू कर दिए हैं और उन्हें वापस भेजने के इंतजाम किये जाएंगे।


शाह ने कहा कि असम में एनआरसी की प्रक्रिया भारत की सुरक्षा और राज्य के आर्थिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक अधिकारों के संरक्षण के लिये जरूरी है। इस मुद्दे पर भाजपा को निशाना बनाने के लिये विपक्षी दलों की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि जब वे सत्ता में थे उन्होंने असम और दूसरे राज्यों में करोड़ो अवैध प्रवासियों को स्वीकार किया और वे इस समस्या की गंभीरता को समझते हैं।


बीजेपी प्रमुख ने कहा कि दुनिया का कोई भी देश घुसपैठियों को अपनी जमीन पर रहने की इजाजत नहीं देता लेकिन ‘‘वोट बैंक की सियासत’’ के चलते विपक्षी दल असम और देश के लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिये उनके साथ खड़े होने का साहस नहीं दिखा पा रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘वे आज अवैध घुसपैठियों के साथ खड़े दिख रहे हैं।’’

'भारत को अवैध घुसपैठियों के लिये सुरक्षित ठिकाना नहीं बनने देगी Modi सरकार'

बयान में कहा गया कि भारतीय जनता पार्टी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार भारत को अवैध घुसपैठियों के लिये सुरक्षित ठिकाना नहीं बनने देगी। एक-एक घुसपैठिए की पहचान की जाएगी और नागरिकता से वंचित करने के बाद उन्हें निर्वासित किया जाएगा। सरकार ने रोहिंग्या घुसपैठियों को पहचानने की प्रक्रिया देश के कई शहरों में शुरू कर दी है और उनके निर्वासन के लिए उचित कार्यवाही की जाएगी।