स्वीडन की दिग्गज रिटेल कंपनी आइकिया ने अपने प्लास्टिक मग को लेकर बड़ा खुलासा करते हुए इसके यूज पर रोक लगाने के लिए कहा है। यह कंपनी दुनियाभर के अपने स्टोर्स से लाखों 'मेड इन इंडिया' प्लास्टिक मग को वापस मंगा रही है। कंपनी का कहना है कि उसने मग में 'केमिकल्स के निर्धारित लिमिट' से ज्यादा होने के चलते यह फैसला किया है। इसके साथ ही आइकिया ने अपने ग्राहकों से भी Troligtvis ट्रैवल मग का इस्तेमाल तत्काल बंद करने के लिए भी कहा है।

इस बारे में कंपनी ने अपनी वेबसाइट पर जानकारी दी है कि हालांकि इसको लेकर कोई मेडिकल वॉर्निंग नहीं जारी की गई है। यह पूरी तरह से एक एहतियाती कदम है, जिसे ग्राहकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। आइकिया इंडिया के मुताबिक उसकी टीम इसस मामले की विस्तार से जांच कर रही है और यह एहतियातन उठाया गया कदम है।

बताया गया है कि आइकिया ने अपने मेड इन इंडिया मग्स वापस मंगाने का फैसला करीब हफ्तेभर पहले किया जब जांच में पाया गया कि इसमें डिबुटिल फालेट का लेवल ज्यादा है, जिसका इस्तेमाल प्लास्टिसाइजर की तरह किया जाता है, जिसकी वजह से प्लास्टिक के प्रॉडक्ट ज्यादा फ्लेक्सिबल और ड्यूरेबल बनते हैं।

भारतीय बाजार में इस मग की कीमत 129 रुपये प्रति पीस है। कंपनी के इस मग में पूरी दुनिया में इस प्रॉडक्ट का कारोबार शुरू करने के महज 4 महीने बाद ही सामने आया है। कंपनी ने अक्टूबर 2019 में यह प्रोडक्ट बेचना शुरू किया था। 

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