भारत में अब बिजली का संकट जल्द दूर होने वाला है क्योंकि अब बारिश की बूंदों से बिजली बनाई जाएगी। आईआईटी दिल्ली ने कड़ी मेहनत करके इस तकनीक को खोज निकाला है। इस तकनीक से बारिश की बूंदों में मौजूद काइनेटिक एनर्जी और इलेक्ट्रॉनिक चार्ज के जरिए बिजली बनाई जाएगी। भारत में बारिश के पानी से बिजली बनाने को लेकर कई सालों से प्रयोग हो रहे हैं। अब ये नई तकनीक इस द‍िशा में काफी कारगर साबित हो सकती है।

बारिश की बूंदों से बिजली बनाने के लिए डेमो डिवाइस को विकसित कर लिया गया है। इसे लेकर जल्द ही पेटेंट की प्रक्रिया शुरू की जाएगी और आने वाले समय में छोटी मशीनें इन नैनो इलेक्ट्रिसिटी डिवाइस से चार्ज की जा सकेंगी। अब जब भी भारत में मॉनसून की मूसलाधार बारिश होगी, तब बिजली का निर्माण भी संभव हो पाएगा।

'Triboelectric Effect' लिक्विड सॉलि़ड इंटरफ़ेस से बनाया गया उपकरण है जिससे नैनो सेल चार्ज होंगे। इसमें Nanocomposite polymers से बने उपकरण से मिलीवॉट पावर के तौर पर मिलेगी। बता दें कि इस रिसर्च को पूरा होने में 3 साल का वक्त लगा है। इसमें आईआईटी दिल्ली के साथ मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इनफॉरमेशन, टेक्नोलॉजी डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी का भी सहयोग मिला है। भविष्य में बारिश की बूंदों की तरह ही समुद्री लहरों से भी बिजली बनाने की योजना है।