शरीर में छोटी-मोटी दिक्कतें तो होती रहती हैं लेकिन कभी कभी छोटी छोटी दिक्कतें बहुत बड़ी बन जाती है। छोटी से ही बड़ी तकलीफे बनती है, इसी तरह से ज्यादातर लोग नजरअंदाज कर देते हैं। जब तक ज्यादा दिक्कत महसूस न हो तब तक लोग डॉक्टर के पास जाने से बचते हैं लेकिन कई बार शरीर में होने वाली मामूली परेशानी या दर्द किसी बड़ी बीमारी का संकेत भी हो सकते हैं।

इस तरह की दिक्कतों में क्रोनिक साइनोसाइटिस बीमारी शामिल है। इसके लक्षणों को लोग हल्के में ले लेते हैं, जबकि ऐसा करने का परिणाम गंभीर भी हो सकता है। आपको बताते हैं कि क्रोनिक साइनसाइटिस के बारे में-

साइनोसाइटिस क्या है 

साइनोसाइटिस एक ऐसा नाक संबंधी रोग है जिसकी शुरुआत जुकाम, सांस लेने में परेशानी और चेहरे की मांसपेशियों में दर्द के साथ होती है लेकिन ध्यान रहे कि कभी-कभी मौसम बदलने पर या किसी और वजह से हुए सर्दी-ज़ुकाम को साइनस नहीं कहा जा सकता है। साइनोसाइटिस के कुछ खास लक्षण भी होते हैं।

साइनोसाइटिस के लक्षण

आंखों, गाल, नाक या माथे के आसपास सूजन होना

सांस से बदबू आना

किसी तरह की गंध महसूस न होना

कान में दर्द होना

सिरदर्द होना

ऊपरी जबड़े और दांतों में दर्द होना

माथे, आंखों, गाल और नाक के आसपास दर्द रहना

नाक बंद होना या बहते रहना

सांस लेने में कठिनाई होना

गले में खराश रहना

बरतें ये सावधानियां

उन लोगों के संपर्क में आने से बचें जिन्हें सर्दी है या जिनको किसी तरह का इंफेक्शन है।

अपने हाथों को बार-बार साबुन और पानी से धोते रहें, खासकर खाना खाने से पहले।

धुएं, धूल-मिट्टी या उन चीजों से दूरी बनाकर रखें जिनसे आपको एलर्जी है।

सिगरेट के धुएं और प्रदूषित हवा से बच कर रहें।