जिन महिलाओं को गर्भधारण करने में परेशानी आ रहीहै, उन्हें अंदाजा भी नहीं होता, कि उनके यूटरस या बच्चेदानी में कमजोरी है।

गर्भाशय की मांसपेशियां शरीर में सबसे ज्यादा मजबूत होती हैं, फिर भी हमारी गलत जीवनशैली, खराब पोषण और गतिहीन आदतें बच्चेदानी को कमजोर बना देती हैं।

कमजोर गर्भाशय का मतलब हिस्टेरेक्टॉमी और सी सेक्शन का खतरा बढऩे से है। इसलिए एक मजबूत बच्चेदानी आपके संपूर्ण स्वास्थ्य , प्रजनन क्षमता और लंबी उम्र के लिए बहुत जरूरी है। तो आइए जानते हैं गर्भाशय के कमजोर होने के लक्षण और इससे बचाव के तरीके।

आपके गर्भाशय का मुख्य कार्य निषेचित डिंब का पोषण करना है। एक बार जब निषेचित डिंब को एंडोमेट्रियम में ट्रांसप्लांट कर दिया जाता है,तो यह गर्भाशय की ब्लड वेसेल्स से पोषण प्राप्त करता है और इसके बाद एक भ्रूण बनता है।

इस दौरान कई चीजें आपके गर्भाशय के ठीक से काम नहीं करने का कारण बन सकती हैं- जैसे अनियमित मासिक धर्म, गर्भाशय फाइब्रॉइड। प्रजनन अंगों की ताकत को बढ़ाने के लिए बच्चेदानी या गर्भाशय को मजबूत रखने की बहुत जरूरत होती है।

अगर बच्चेदानी कमजोर होगी, तो गर्भ नहीं ठहरेगा।

बार-बार मिसकैरेज हो जाएगा

कब्ज की समस्या रहेगी

अलग तरह की ब्लीडिंग और डिस्चार्ज होने लगेगा

यूरीन इंफेक्शन होना या फिर यूरीन लीक होने जैसे लक्षण दिख सकते हैं।

बच्चेदानी को मजबूत बनाने के लिए अपने आहार में नट्स और सीड्स शामिल करें। इसमें कद्दू के बीज, फ्लैक सीड और नट्स में जितने भी ड्राय फ्रूट्स हैं उनका सेवन करना फायदेमंद है। दरअसल, बीजों में हेल्दी फैट होता है, जो बच्चेदानी की मांसपेशियों को मजबूत करता है।

जो महिलाएं गर्भधारण नहीं कर पा रहीहैं, उन्हें बच्चेदानी को स्ट्रांग बनाने के लिए हरी पत्तेदार सब्जियां खानी चाहिए। सब्जियों के सेवन से पेट का पीएच लेवल बैलेंस रहता है। इसके अलावा हरी सब्जियों में फोलेट बहुत अच्छी मात्रा में पाया जाता है, जो बच्चेदानी की कमजोरी को दूर करने के लिए बेहद जरूरीहै।

किन्हीं कारणों से महिला की बच्चेदानी में कमजोरी आ गई है, तो उस महिला को अक्सर ताजे फल खाने की सलाह दी जातीहै। अगर आप फलों का रस ले रहे हैं, तो कोशिश करें कि ये घर का बना हुआ हो। दरअसल, फलों में पाए जाने वाले विटामिन, मिनरल और फ्लेवेनॉइड बच्चेदानी को स्ट्रांग बनाने के लिए बहुत जरूरी हैं।

रोजाना किसी न किसी रूप में विटामिन सी की थोड़ी मात्रा जरूर लेनी चाहिए। आप चाहें, तो विटामिन सी का कोई सप्लीमेंट भी ले सकते हैं। विटामिन सी इम्यूनिटी बढ़ाने के साथ शरीर में होने वाले संक्रमण से लडऩे की क्षमता प्रदान करता है।

नाश्ते में साबुत अनाज का सेवन उन महिलाओं के लिए बहुत फायदेमंद है, जिन्हें कमजोर बच्चेदानी के कारण गर्भ नहीं ठहर रहा है। दलिया, किनोवा ओट्स बहुत अच्छे विकल्प हैं।

तो अगर आपको भी गर्भधारण करने में परेशानी हो रहीहै, तो यहां बताए गए उपाय आपकी मदद कर सकते हैं। कुछ समय तक इनका सेवन करके जरूर देखें। फिर भी कोई परिणाम न मिले, तो देर न करते हुए डॉक्टर से संपर्क करें।