पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि से ग्राहक परेशान हैं। देश में पेट्रोल पंपों पर कम नाप करना या मिलावट करना आम है। ऐसे में आपको सावधान रहने के लिए कुछ बातों को ध्यान में रखना चाहिए। पिछले महीने केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने पेट्रोल पंप फ्रॉड की रैंकिंग साझा की थी, जिसमें दिल्ली का तीसरा स्थान था। दिल्ली में अप्रैल 2014 से दिसंबर 2017 तक शॉर्ट फ्यूलिंग के 785 मामले सामने आए। उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र की रैंकिंग दिल्ली से ऊपर थी। ऐसे में यहां हम आपको बता रहे हैं कुछ ऐसे टिप्स, जिनसे आप ठगी का शिकार होने से खुद को बचा सकते हैं।

अधिकतर लोग पेट्रोल पंप पर जाकर 100, 200 और 500 रुपये की राउंड फिगर में तेल भरवाने का ऑर्डर देते हैं।कई बार पेट्रोल पंप मालिक राउंड फिगर को मशीन पर फिक्स करके रखते हैं और इसमें ठगी का शिकार होने की ज्यादा संभावना बनी रहती है। इसलिए जरूरी है कि आप राउंड फिगर में पेट्रोल न भरवाएं। आप राउंड फिगर से 10-20 रुपये ज्यादा का पेट्रोल ले सकते हैं।

पेट्रोल हमेशा डिजिटल मीटर वाले पंप पर ही भरवाना चाहिए। इसका कारण यह है कि पुराने पेट्रोल पंप पर मशीने भी पुरानी होती हैं और इन मशीनों पर कम पेट्रोल भरे जाने का डर अधिक रहता है।

अगर आप कार में फ्यूल डला रहे हैं तो कुछ बातें आपको शंका में डाल सकती हैं। इंजन में होने वाली दिक्कत और कम माइलेज पेट्रोल की क्वालिटी की ओर संकेत करता है। ऐसे में पेट्रोल का फिल्टर पेपर टेस्ट कराना चाहिए। कंज्यूमर प्रोटेक्शन ऐक्ट 1986 के मुताबिक पेट्रोल पंप के पास फिल्टर पेपर होना चाहिए और ग्राहक के मांगने पर उपलब्ध कराना चाहिए। पेपर पर तेल की बूंद डालकर देखना होता है कि क्या यह बिना दाग छोड़ उड़ जाता है। अगर ऐसा नहीं होता तो तेल में मिलावट है। 

दरअसल कई बार पेट्रोल पंप पर नॉजल में छेड़छाड़ करके 100 से 150 ml तक ईंधन में हेरफेर की जाती है। ऐसे में शक होने पर पांच लीटर टेस्ट करना चाहिए। पेट्रोल पंप पर 5 लीटर का एक प्रमाणित बर्तन होता है। आप उसमें 5 लीटर पेट्रल/डीजल डलवाकर जांच सकते हैं कि नाप सही है या नहीं।