दिल्ली से लेकर नॉएडा तक या बात करें गाजियाबाद से लेकर गुरुग्राम तक कार दुर्घटनाओं का आकड़ा लगातार बढ़ने लगा है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले साल जारी आकड़ों के अनुसार 2018 की रिपोर्ट्स में दुर्घटनाओं की संख्या 1690 थी. ऐसे में सुरक्षा के लिए कुछ बेसिक नियमों को लागू करने की मांग भी की गई थी. 

इन सब को देखते हुए जुर्माने की संख्या तय की गई थी. हेलमेट से लेकर ड्राइविंग लाइसेंसे तक रखने के आदेश दिए थे. आज कल हर कोई ऑफिस हो या कॉलेज हर कोई दिल्ली या नॉएडा जैसे शहरों में सफर कर रहा है. अगर आप दिल्ली में कहीं गाड़ी चला रहे हैं तो आपके लिए ये सारे नियम जानना बहुत ज़रूरी है. दिल्ली में जब से नए ट्रांसपोर्ट नियमों को लागू करने को लेकर संसद ने जुलाई के महीने में एक कानून तय किया तब से कानून तोड़ने वालों के लिए नए जुर्माना सिस्टम के लागू होने के साथ, एक्सीडेंट रेट में 66% की कमी आई थी. चलिए अब बताते हैं कौन से हैं वो नियम.  

दिल्ली में ट्रांसपोर्ट नियमों को तोड़ने पर कितना जुर्माना लगेगा

-अगर आप बिना ड्राइविंग लाइसेंस के गाड़ी चला रहे हैं, तो आपको 5000 रुपए का जुर्माना या तीन महीने की कम्यूनिटी सर्विस का चार्ज लिया जा सकता है.

-अगर आप ड्रंक ड्राइविंग कर रहे हैं तो आप पर 10,000 रुपए या 6 महीने की जेल का आरोप लगाया जा सकता है.

-ओवर स्पीडिंग के मामले में, अलग रेट्स हैं, जैसे कि एलएमवी के लिए, 1000 रुपए चार्ज लिया जाएग और एमपीवी के लिए आपसे 5000 रुपए तक का चार्ज लिया जा सकता है.

-ट्रांसपोर्ट रूल्स और रेगुलेशन्स तोड़ने पर 5000 रुपए चार्ज लिया जाएगा.

-अंडर एज क्राइम के मामले में, 3 साल तक की जेल के साथ 25,000 रुपए का चार्ज लिया जाएगा.

 ट्रांसपोर्ट नियमों का असर

केरल, कर्नाटक, गुजरात जैसे कई राज्यों द्वारा 1 सितंबर को दी गई सजा को गलत ठराया गया और जुर्माना काफी हद तक कम किया गया. बावजूद इसके दिल्ली उन राज्यों में से एक है जहां जुर्माने में कोई कोताही नहीं बरती गई. अगर आप दिल्ली में गाड़ी चला रहे हैं, तो आपको बताये गए नियम का पालन करना पड़ेगा जो आपके लिए फायदेमंद होगा.