आमतौर पर मॉर्डन किचन में माइक्रोवेव का होना कंपल्‍सरी माना जाता है। इसमें खाना बनाना, खाना गर्म करना फास्‍ट होता है और मेहनत भी कम लगता है लेकिन क्‍या आपको पता है कि यह इलेक्ट्रिक गजट दरअसल आपके किचन को जितना मॉडर्न बनाता है आपके परिवार की सेहत के लिए यह उतना ही नुकसानदेह है! 

जी हां, मेडिकल डेली में छपी एक रिपोर्ट में जाने माने फिजीशियन डॉ. जोसेफ मोरक्‍योला का कहना है कि दरअसल जब हम अपने पोषक तत्‍वों से भरे भोजन को माइक्रोवेव में डालते हैं तो इलेक्टिक हीट इन्‍हें ‘डेड फूड’ में बदल देते हैं। माइक्रोवेव में जाते ही इसमें मौजूद वॉटर मॉलेक्‍यूल्‍स रैपिडली बाउंस करते हैं जिससे तेजी से खाना गर्म होता है। इस प्रकिया से भोजन के पोषक तत्‍वों का स्‍ट्रक्‍चर चेंज हो जाता है और इसके सारे न्‍यूट्रिशन हानिकारक तत्‍वों में बन जाते हैं।

कई शोधों में यह बात भी सामने आई है कि माइक्रोवेव ओवन के रेगुलर इस्‍तेमाल से बॉडी की इम्‍यूनिटी कम हो जाती है। अगर प्रेगनेंट लेडी इसमें गर्म किए गए भोजन का सेवन करे तो होने वाले बच्‍चे में बाई बर्थ प्रॉब्‍लम्‍स भी हो सकता है। इसके अलावा, माइक्रोवेव के लगातार प्रयोग से कैंसर का खतरा भी बढ़ जाता है। यही नहीं, इसके प्रयोग से कई लोगों में हाई ब्‍लड प्रेशर की भी शिकायत देखने को मिली है।

ये जानना जरूरी

*जब आप किसी भोजन को प्‍लास्टिक में रखकर गर्म करते हैं तो यह भोजन में कार्सिनोजेंस पैदा कर देता है जो सेहत के लिए बहुत ही नुकसानदेह है।

*माइक्रोवेव के हीट से भोजन में बीपीए, पॉलिथीलीन टर्पथेलेट,बेन्‍जेन जैसे कई टॉक्सिक कैमिकल पैदा हो जाते हैं।

*रशियन शोध में पाया गया कि इसमें दूध और भोजन को गर्म करने से आपके रेड ब्‍लड सेल कम हो जाते हैं और वाइट ब्‍लड सेल्‍स बढ जाते हैं। यही नहीं कोलेस्‍ट्रॉल भी हाई हो जाता है। यही माइक्रोवेव रेडिएशन से ब्‍लड और हार्ट रेट दोनों प्रभावित होता है।