शरीर में कुछ चीजों ज्यादा या कम हो जाना बहुत गलत प्रभाव डालती है। इसमें शामिल है, शरीर में “यूरिक एसिड”, जिसके बढ़ने चलने फिरने उठने बैठने में बहुत ही ज्यादा तकलीफ होता है। बता दें कि शरीर में ज्यादा प्रोटिन हो जाने से यूरिक एसिड बढ़ जाता है। प्रोटिन शरीर के लिए अच्छा होता है लेकिन ज्यादा प्रोटिन शरीर को नुकसान करता है। 

इनसे बढ़ता है यूरिक

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कुछ लोगों का बनना है कि जब यूरिक एसिड बढ़ जाए तो सब्ज़ियों, दालों और फलों का सेवन करना छोड़ देते हैं। उनको लगता है कि ये चीज़ें शरीर में यूरिक एसिड बढ़ने की वजह हो सकती हैं, जबकि ऐसा नहीं है। डॉक्टर्स के अनुसार शरीर में यूरिक एसिड बढ़ने की वजह शराब, चॉकलेट, कैंसर या थैलेसीमिया के इलाज के लिए इस्तेमाल की जाने वाली दवाएं और आनुवंशिक सिंड्रोम जैसी कुछ चीजें हो सकती हैं।

क्या है यूरिक 

यूरिक एसिड हमारे रक्त में मौजूद एक रसायन है। इसका शरीर में लेवल बढ़ने से गाउट या गठिया जैसी दिक्कत होती है। इसके बढ़ने से हाथ पैरों में सूजन और दर्द की शिकायत रहती है। ये शरीर के जोड़ों में जब काफी मात्रा में यूरेट क्रिस्टल इकठ्ठा हो जाता है तो ये दर्द की वजह बनता है। वहीं यूरिक एसिड का लेवल बढ़ने से गुर्दे की पथरी भी हो सकती है और यह नेफ्रोपैथी या गुर्दे की खराबी का संकेत भी हो सकता है।

बैलेंस्ड डाइट 

शरीर के लिए बैलेंस्ड डाइट बहुत ज़रूरी है। ऐसे में दाल, सब्ज़ियों और फलों का पर्याप्त मात्रा में सेवन न करने से विटामिन बी, नियासिन या विटामिन बी3 और फोलिक एसिड जैसी चीजों की कमी शरीर में हो सकती है। जिसकी वजह से पेलाग्रा हो सकता है, जिससे मनोभ्रंश, दस्त और जिल्द की सूजन हो सकती है।  इसके साथ ही कम फोलिक एसिड आपको एनीमिक बना सकता है। इसलिए हमेशा बैलेंस्ड डाइट को फॉलो करना बेहतर होगा।

इनका कर सकते हैं सेवन

दूध और अंडे में प्यूरीन की मात्रा कम होती है इसलिए इनको डाइट में शामिल किया जा सकता है। इसके साथ ही प्लांट प्रोटीन, डेयरी प्रोडक्ट्स और  दुबली मछलियों को भी डाइट में शामिल किया जा सकता है। कॉफी का सेवन भी आप कर सकते हैं क्योंकि ये यूरिक एसिड लेवल को कंट्रोल करने में मदद करती है। इसके साथ ही आप विटामिन-सी से भरपूर चीजों का सेवन भी कर सकते हैं।