हेल्‍दी बॉडी के लिए प्रोटीन बहुत ही जरूरी तत्‍व है। यह हमारे मसल्‍स, स्किन, एन्‍जाइम्‍स और हॉर्मोंस के लिए एक बिल्डिंग ब्‍लॉक की तरह काम करता है। यही नहीं, ये सभी बॉडी टिश्‍यू के निर्माण में भी एक जरूरी एसेंशियल की तरह काम करता है। ऐसे में जब शरीर की जरूरत के हिसाब से पर्याप्‍त प्रोटीन इंटेक नहीं हो पाता तो इसे प्रोटीन डिफिशिएंसी कहा जाता है। हेल्‍थलाइन के मुताबिक, दुनियाभर में करीब एक अरब लोग प्रोटीन डिफिशिएंसी से जूझ रहे हैं। इनमें से अधिकतर लोग सेंट्रल अफ्रिका और साउथ एशिया से हैं । यह समस्‍या आमतौर पर बच्‍चों, बूढ़ों और मरीजों में देखने को मिलता है।

लक्षण

अगर आपके चेहरे, स्किन, पेट आदि में सूजन है तो हो सकता है कि आपके शरीर में प्रोटीन की कमी हो। यदि तमाम प्रयासों के बाद भी बालों की खूबसूरती जा रही हो और बाल रूखे, बेजान हो रहे हों तो यह भी प्रोटीन की कमी के लक्षण हो सकते हैं। शरीर में प्रोटीन की कमी की वजह से मांसपेशियां अपनी जरूरत को पूरा करने के लिए हड्डियों से प्रोटीन सोखने लगती हैं। इससे हड्डियों में कमजोरी तो आती ही है, मांसपेशियों को अधिक ऊर्जा खर्च करना पड़ता है। इस वजह से मसल्स पेन की शिकायत देखने को मिलती है।

कैल्शियम की कमी के कारण नाखून बार-बार टूटते तो है और नाखूनों की सुंदरता कम होने लगती है। यही नहीं, कई बार नाखूनों में अंदर संक्रमण भी हो जाता है और ये काले और कमजोर हो जाते हैं। प्रोटीन की कमी से हर समय थकान का अनुभव होता है।  दरअसल प्रोटीन हमारे शरीर में ईंधन की तरह काम करता है और इसके अवशोषण से ही शरीर को एनर्जी मिलती है। अगर आप  तुरंत बीमार पड़ जाते हैं और आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम है तो इसकी एक वजह प्रोटीन की कमी है। कई बार हमारा शरीर अचानक से फूला हुआ और मोटा लगने लगता है जो दरअसल प्रोटीन की कमी के कारण हो सकता है। प्रोटीन की कमी से पर्याप्त ऊर्जा शरीर को नहीं मिल पाती और जिस वजह से उर्जा बनाने में अतिरिक्‍त तनाव होता है।

प्रभाव

अगर शरीर में पर्याप्‍त प्रोटीन की आपूर्ति ना हो तो संक्रमित रोग और बैक्टीरिया-वायरस जनित दूसरी कई बीमारियां घेर लेती हैं। प्रोटीन की कमी के कारण बच्चों की लंबाई बढ़ना रुक जाता है इसलिए प्रोटीन रिच फूड बच्‍चों के भोजन में जरूर शामिल करें। प्रोटीन की कमी से हीलिंग प्रक्रिया कम हो जाती है। शरीर में रक्‍त का प्रभाव प्रभावित होता है और नई कोशिकाओं के निर्माण में देरी होती है।

ऐसे करें दूर

शरीर में प्रोटीन की कमी ना हो इसके लिए दूध और अंडा भोजन में जरूर शामिल करें। अगर आप नॉनवेज खाते हैं तो सप्ताह में तीन से चार दिन फिश या सीफूड खा सकते हैं। इसके अलावा प्रोटीन रिच फूड को अपने डाइट में शामिल करें।

कितना जरूरी

हेल्‍थलाइन के मुताबिक, हर किसी की जरूरत के आधार पर ही प्रोटीन की जरूरत होती है। उदाहरण के तौर पर बॉडी वेट, फिजिकल एक्टिविटी, उम्र आदि। एक शोध में पाया गया कि प्रोटीन की सबसे ज्‍यादा जरूरत बुजुर्गों और एथलीट को होती है।